UP News: रामनगरी अयोध्या में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा, जब से हम लोगों ने विधानसभा के प्रत्याशी घोषित किए हैं, भाजपा सर्वे पर सर्वे करा रही है। हर सर्वे में पीछे छूट जा रही है। उन्हें अयोध्या में कोई प्रत्याशी ही नहीं मिल रहा है। उन्होंने चैलेंज करते हुए कहा, बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर इतना ही आश्वस्त हैं, तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं।
सपा सुप्रीमो ने कहा कि इस बार अयोध्या ही नहीं, पूरे देश की जनता धर्म और धन चुराने वालों को बख्शेगी नहीं। जिन्होंने कहा था कि 15 दिन के अंदर दूध का दूध और पानी का पानी कर देंगे, उनके लिए अयोध्या का मैदान खाली पड़ा है।
रसूलाबाद में श्रीमद्भागवत कथा में हुए शामिल
अखिलेश यादव पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के पैतृक गांव कृष्णापुर खानपुर रसूलाबाद में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे थे। हालांकि, कार्यक्रम स्थल से 30 किमी दूर राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन करने नहीं गए।
अखिलेश बोले– तारीख निकलवाइए, हम सब रामलला के दर्शन करने पहुंचेंगे
मीडिया ने अखिलेश यादव से राम मंदिर जाने पर सवाल पूछा। जवाब में उन्होंने कहा- मैंने पहले संकल्प लिया था कि इटावा में बन रहे केदारेश्वर धाम का निर्माण काम पूरा होने के बाद ही राम मंदिर जाऊंगा। संकल्प बार-बार नहीं लिया जाता है। मैं अपनी पार्टी के लोगों से और पवन पांडेय से कहूंगा कि एक तारीख निकलवाइए, हम सब रामलला के दर्शन करने पहुंचेंगे।
राजभर बोले– अखिलेश राम मंदिर जाएंगे तो ‘भाईजान’ नाराज हो जाएंगे
अलीगढ़ में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा- अखिलेश यादव सनातन को नहीं मानते। वे मुस्लिमों की मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ सकते हैं, लेकिन मंदिर में जाकर दर्शन और कथा नहीं सुन सकते।
अखिलेश अयोध्या जा सकते हैं, लेकिन राम मंदिर नहीं जाते। अखिलेश राम विरोधी हैं। अगर अखिलेश यादव राम मंदिर चले जाएंगे तो उनके भाईजान नाराज हो जाएंगे। उन्होंने सवाल किया- जो भगवान श्रीराम का दर्शन करने अयोध्या नहीं जा सकता, वह कृष्ण भगवान का दर्शन करने कहां जाएगा?
ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर हमला– सपा नेताओं के हाथ कारसेवकों के खून से रंगे
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के राम मंदिर नहीं जाने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा का सनातन संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी तुष्टीकरण और वोट की राजनीति करती है। सपा नेताओं के हाथ कारसेवकों के खून से रंगे हैं, ऐसे में वे राम मंदिर कैसे जा सकते हैं।
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के सवालों पर ब्रजेश पाठक ने कहा कि विपक्ष जीतता है तो आयोग अच्छा लगता है, लेकिन हारने पर अपनी खीज आयोग पर निकालता है। 2027 के विधानसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि सपा को पता है कि उसकी लुटिया डूबने वाली है। इसलिए विपक्ष फेस सेविंग के लिए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।
