UP Congress Protest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार (25 सितंबर) को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा और सीएम आवास का घेराव करने जा रहे थे। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और विधायक आराधना मिश्रा मोना समेत सैकड़ों को पुलिस ने बस में भरा दिया। इसके बाद सभी को ईको गार्डन ले गई।
200 मीटर आगे बढ़ते ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इससे कांग्रेस कार्यकर्ता नाराज हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और विधायक आराधना मिश्रा समेत कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। इसी बीच पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ता की झड़प हो गई।
जनादेश पर डाका और लोकतंत्र का चीरहरण करने वालों के खिलाफ बोलना अगर जुर्म है, तो यह जुर्म बार-बार होगा!
लखनऊ की सरजमीं पर लोकतंत्र की रक्षा और जनता के अधिकारों के लिए हुंकार भर रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय राय जी (@kashikirai) को भाजपा सरकार की दमनकारी… pic.twitter.com/GkmvQ7G6Sl
— UP Congress (@INCUttarPradesh) September 25, 2026
कांग्रेस नेता के पैर में लगी चोट
कांग्रेस नेता शिव पांडेय के पैर में चोट लग गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की लाठी से चोट लगी है। फिलहाल मौके पर गहमा-गहमी का माहौल है। कांग्रेस कार्यकर्ता बारिश में भीगते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। महिला कार्यकर्ता वोट चोर, गद्दी छोड़ के पोस्टर लेकर पहुंची हैं।
NSUI प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद अनस ने कहा कि हमारे ऊपर लाठी चलाई गई, कपड़े फाड़े गए, गालियां दी गईं। पुलिस ने आज अभद्रता और बदतमीजी की सारी हदें पार कर दीं। मगर हम लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त का मेरठ-वाराणसी दौरा स्थगित
चुनाव आयोग ने यूपी में दो कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। इनमें CEC ज्ञानेश कुमार शामिल होने वाले थे। पहला कार्यक्रम मेरठ में 25 सितंबर को और दूसरा वाराणसी में 28 सितंबर को था। EC ने कहा- दोनों कार्यक्रम 21 सितंबर को ही स्थगित किए गए थे। इसका मौजूदा विवाद से कोई संबंध नहीं है।
CEC को हटाने से जुड़ा पूरा मामला समझें
दरअसल, द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में SIR को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। इनमें 4 आपत्तियां एक ही दिन की थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा था कि ऐसी आपत्तियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और SIR समेत सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
