Lucknow University में पुस्‍तक महोत्‍सव, सीएम योगी बोले- ‘किताबें देती हैं दुनिया समझने की ताकत’

Lucknow University में पुस्‍तक महोत्‍सव, सीएम योगी बोले- 'किताबें देती हैं दुनिया समझने की ताकत'

Lucknow News: लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार से ‘5वां गोमती पुस्तक महोत्सव’ शुरू हो गया है, जिसका उद्घाटन मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने किया। उन्‍होंने कहा कि डिजिटल दौर में युवा किताबों से दूर नहीं हुआ है। युवा आज भी पढ़ना चाहता है। जरूरत सिर्फ किताबों को युवाओं तक पहुंचाने की है। युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पढ़ने की अपील की।

गोरखपुर में लखनऊ से ज्यादा पहुंची भीड़

मुख्‍यमंत्री योगी ने कहा कि जब पहली बार लखनऊ में पुस्तक महोत्सव के आयोजन का प्रस्ताव आया था, तब उन्हें भी आशंका थी कि युवा इसमें कितनी रुचि दिखाएंगे। लेकिन आयोजन के परिणाम उत्साहजनक रहे। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में पुस्तक महोत्सव के दौरान लखनऊ की तुलना में अधिक भीड़ पहुंची और ज्यादा पुस्तकों की बिक्री हुई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि युवा पुस्तकों से दूर नहीं है, बल्कि उसे सही मंच और सुविधा उपलब्ध कराने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव में इस बार 80 से बढ़कर 250 स्टॉल लगाए गए हैं। अगले नौ दिनों तक हजारों छात्र और युवा यहां ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों से रूबरू हो सकेंगे। इस दौरान पुस्तकों के विमोचन के साथ लेखकों से संवाद और उनकी रचनाओं व जीवन यात्रा को जानने का अवसर भी मिलेगा।

ज्ञान को सीमित दायरे में नहीं बांधना चाहिए

सीएम योगी ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऋषियों ने ‘आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः’ का संदेश दिया था, जिसका अर्थ है कि ज्ञान चारों दिशाओं से आने के लिए द्वार खुले रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम को पढ़ लेने से कोई व्यक्ति पूर्ण रूप से ज्ञानवान नहीं हो सकता। समाज, देश और दुनिया को समझने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों का ज्ञान हासिल करना जरूरी है।

उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पढ़ने और उसके संदेश को आत्मसात करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक केवल स्कूली छात्रों के लिए नहीं, बल्कि हर युवा और नागरिक के लिए उपयोगी है, क्योंकि जीवन में हर व्यक्ति को अलग-अलग तरह की परीक्षाओं और चुनौतियों से गुजरना पड़ता है।

नैमिषारण्य और काशी का भी किया उल्लेख

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण केंद्र रही है। लखनऊ से करीब 70 किलोमीटर दूर नैमिषारण्य में भारतीय ज्ञान परंपरा और चिंतन को आगे बढ़ाने का काम हुआ। काशी के विश्वविद्यालय, प्रयागराज का कुंभ और शुकतीर्थ भी इसी समृद्ध परंपरा का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि करीब पांच हजार वर्ष पहले मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ में श्रीमद्भागवत महापुराण की पहली कथा का वाचन हुआ था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज अपनी विरासत और ज्ञान परंपरा से दूर होता है तो उसकी पहचान का संकट पैदा होता है। उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी में रखा जाता था और यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट था। पिछले दस वर्षों में किए गए सकारात्मक प्रयासों से स्थिति बदली है और आज इसके परिणाम दिखाई दे रहे हैं।

हर ग्राम सचिवालय में बनाई गई लाइब्रेरी

योगी ने ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तक और डिजिटल लाइब्रेरी की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की करीब 57,600 ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवालयों में लाइब्रेरी बनाई गई है। इनमें नेशनल बुक ट्रस्ट की किताबें उपलब्ध कराई गई हैं और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे गांव के छात्र और युवा अपने ही ग्राम सचिवालय में जाकर पढ़ाई और ज्ञान हासिल कर रहे हैं।

युवाओं से बोले– अपना बुक बैंक बनाइए

मुख्यमंत्री ने छात्रों और युवाओं से किताबें खरीदने की आदत विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ अच्छी साहित्यिक, रचनात्मक, धार्मिक और महापुरुषों की आत्मकथाओं जैसी किताबें भी खरीदनी चाहिए। युवाओं को अपना ‘बुक बैंक’ बनाने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि किताबें जीवन में नई प्रेरणा और दिशा देने का काम करती हैं।

उन्होंने कहा कि असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए। कोई व्यक्ति अचानक बड़ा नहीं बनता, बल्कि असफलताओं और संघर्षों से गुजरकर सफलता हासिल करता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि उनकी कोई भी मंजिल कठिन नहीं है। उन्हें अपनी राह खुद तैयार करनी है और पुस्तक मेले जैसे मंच इस राह को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

शिक्षा मंत्री गुलाब देवी बोलीं– पढ़ाई का समय दोबारा नहीं मिलता

माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव के उद्घाटन समारोह में कहा कि 12 से 20 सितंबर तक चलने वाला यह नौ दिवसीय आयोजन ज्ञान का महाकुंभ है। शिक्षा सिर्फ स्कूल की चारदीवारी और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। यह युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सार्वजनिक और विद्यालयी पुस्तकालयों को आधुनिक आईटी उपकरणों, डिजिटल सुविधाओं और बेहतर संसाधनों से विकसित किया जा रहा है।

प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2,107 राजकीय और 591 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में भवनों का जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण किया गया है। 1,841 राजकीय विद्यालयों में आईसीटी लैब और 1,236 में स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। 2,332 विद्यालयों में करियर गाइडेंस और 2,435 विद्यालयों में मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महोत्सव के बाल मंडप में वैदिक गणित, रचनात्मक लेखन और कठपुतली नाटक जैसी कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।

‘स्क्रीन दुनिया दिखाती है, किताबें समझने की ताकत देती हैं’

वहीं, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने डिजिटल दौर में बढ़ते स्क्रीन टाइम पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तकनीक जरूरी है, लेकिन नई पीढ़ी का किताबों से दूर होना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, स्क्रीन हमें दुनिया दिखाती है, लेकिन पुस्तकें हमें दुनिया समझने की ताकत देती हैं।

उन्होंने युवाओं से स्क्रीन टाइम कम करने और किताबें पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास, साहित्य और राजनीति से जुड़ी किताबें पढ़ने से भारत और उसकी संस्कृति को समझने की क्षमता मजबूत होगी।

किताबें बच्चों में ज्ञान, विचार और संस्कार विकसित करती हैं

मंत्री संदीप सिंह ने कहा लखनऊ साहित्य, संस्कृति और कला की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है। नौ दिवसीय गोमती पुस्तक महोत्सव नई पीढ़ी को किताबों, साहित्य और संस्कृति से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रारंभिक शिक्षा ज्ञान की यात्रा की पहली सीढ़ी है और इसमें पुस्तक सबसे सहज व सशक्त साथी है। किताबें बच्चों में ज्ञान के साथ विचार, संस्कार, जिज्ञासा और कल्पनाशक्ति विकसित कर उनके व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं।

सीएम योगी के कार्यक्रम को देखते हुए विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। कार्यक्रम से पहले समाजवादी छात्र सभा और NSUI के पदाधिकारियों और सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया। विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने यह कार्रवाई की। NSUI और समाजवादी छात्र सभा के सदस्यों को देर रात हॉस्टल से हिरासत में लिया गया।

बुक महोत्सव में एंट्री फ्री, 9 दिन चलेगा

नौ दिन चलने वाले इस महोत्सव में 121 प्रकाशक करीब 250 स्टॉल लगाए हैं। यहां हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं की हजारों किताबें उपलब्ध हैं। महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क है। ये कार्यक्रम आज से 20 सितंबर तक चलेगा।

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