लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का हंगामा, डिप्टी CM मौर्य का आवास घेरा

लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का हंगामा, डिप्टी CM मौर्य का आवास घेरा

UP News: लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। शनिवार (12 सितंबर) को अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया। उन्होंने नियुक्ति की मांग को लेकर करीब आधे घंटे तक नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

प्रदर्शनकारियों ने ‘ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर वहां से हटाया। उन्होंने पुलिस पर कपड़े फाड़ने और बदसलूकी करने का भी आरोप लगाया।

मंत्री-अधिकारियों ने घोटाला माना

प्रदर्शन में शामिल तूफान सिंह ने कहा कि 10 सितंबर को अभ्यर्थियों की बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से मुलाकात हुई थी। बैठक में दोनों विभागों के कई अधिकारी भी मौजूद थे।

तूफान सिंह के मुताबिक, बैठक में मंत्रियों और अधिकारियों ने भी माना कि भर्ती में घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य पिछड़ा आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग भी इस मामले को मान चुके हैं। अब सरकार के मंत्री और अधिकारी भी इसे स्वीकार कर रहे हैं। इसके बावजूद अभ्यर्थियों को नौकरी क्यों नहीं दी जा रही है।

5% छूट देने की मांग

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वर्ष 2018 में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। इसमें दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% की छूट का प्रावधान था। आरोप है कि इन चारों श्रेणियों के अभ्यर्थियों को इसका लाभ नहीं मिला और सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही परिणाम जारी कर दिया गया।

अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती परीक्षा के पासिंग मार्क्स में 5% की छूट दी जाए। उनका कहना है कि 150 पूर्णांक वाली परीक्षा में 60 अंक यानी 40% अंक पर परिणाम संशोधित कर नई चयन सूची जारी की जाए।

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