UP News: उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की 5वीं पुण्यतिथि पर समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। शुक्रवार को लखनऊ में उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने बाबूजी को श्रद्धांजलि तक नहीं दी। इससे पता चलता है कि वह हमारे नेता से कितना द्वेष (नफरत) रखते हैं। यह केवल बाबूजी का अपमान नहीं था, बल्कि यह जातीय अपमान भी था।
मुख्यमंत्री ने कहा, यह हर उस हिंदू का अपमान था, जो मानता है कि बाबूजी का जीवन सनातन मूल्यों के लिए समर्पित था। साक्षी महाराज ने ठीक कहा कि ये लोग अब क्या बोलें, कोई भरोसा नहीं है। ये वैसे गिद्ध हैं, जिस पेड़ पर चढ़ेंगे, उसी को खा डालेंगे।
पीडीए पर भी कसा तंज
सीएम योगी ने सपा के PDA पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो लोग समय के साथ गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं, वे अलग-अलग समय पर ‘पी’ की अलग-अलग परिभाषा बताते हैं। कभी ‘पी’ की परिभाषा पिछड़े से करते हैं, फिर पंडित से करते हैं और एक दिन पाकिस्तान से भी करने लगेंगे।
भाजपा कल्याण सिंह की पुण्यतिथि को हिंदू गौरव दिवस के रूप में मनाती है। आज लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कल्याण सिंह के बेटे और पूर्व सांसद राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ और उनके पोते और शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी मौजूद रहे। दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी कार्यक्रम में पहुंचे।
सीएम ने बसपा सुप्रीमो मायावती की तारीफ की
इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने कहा, बाबूजी के निधन पर हमारे लिए असहनीय क्षण था। पीएम मोदी सभी कार्यक्रमों को छोड़कर दिल्ली से सीधे लखनऊ आए और बाबूजी को श्रद्धांजलि अर्पित की। एक सामान्य शिष्टाचार के तहत पूर्व सीएम मायावती ने आकर बाबूजी को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा, मुझे लंबे समय तक सदैव बाबूजी के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में रहने का अवसर मिला। आदमी पद से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपनी सोच और कर्मों से होता है। अतरौली के एक सामान्य किसान परिवार में जन्म लेने वाले बाबूजी अपनी कर्मठता, मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति अडिग थे। उन्होंने देश की सेवा के भाव से काम किया। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में तपे हुए एक स्वयंसेवक थे। उन्होंने किसान, शिक्षक, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और राज्यपाल के रूप में सभी महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया।
बाबूजी कहते थे– कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता
सीएम योगी ने कहा- हर उस भारतीय के लिए, जिसके लिए देश प्रथम है और भारत के सनातन मूल्य और आदर्श सर्वोपरि हैं, बाबूजी सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उनका जीवन सादगी, तप, साधना और संघर्ष से भरा हुआ था। वह अन्याय के खिलाफ लड़ते थे। अत्याचार का मुकाबला करते थे।
उन्होंने सनातन मूल्यों की रक्षा करते हुए गांव, गरीबों, अन्नदाता किसानों, युवाओं और समाज के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। गलत काम के लिए बाबूजी पर कोई कितना भी बड़ा दबाव क्यों न बनाए, वह कभी दबाव में आकर काम नहीं करते थे। वह कहा करते थे, “कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता।” उन्होंने जीवनभर अपने इस वचन को निभाया।
बाबूजी सत्ता गंवाना स्वीकार किया, लेकिन रामभक्तों पर गोली नहीं चलवाई
मुख्यमंत्री ने कहा- राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उन्होंने कहा था- संघर्ष स्वीकार है और सत्ता चली जाए, यह भी स्वीकार है, लेकिन प्रभु श्रीराम का अपमान स्वीकार नहीं है। आज जब अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर देखते हैं तो सदैव बाबूजी की स्मृति हमारे अंतःकरण में उठती है। राम जन्मभूमि आंदोलन का बाबूजी ने खुलकर समर्थन किया। उन्होंने सत्ता गंवाना स्वीकार किया, लेकिन कहा कि रामभक्तों पर गोली नहीं चलेगी।
उन्होंने कहा- बाबूजी ने यूपी को एक पहचान दी। भारत के सनातन मूल्यों की रक्षा की। अयोध्या में गुलामी के ढांचे को समाप्त करके राम मंदिर के मार्ग को प्रशस्त किया। डबल इंजन की सरकार बाबूजी के आदर्शों पर चलेगी। उनके सपनों को साकार करने के लिए हर कदम उठाएगी। इसमें कोई संकोच नहीं करेगी।
केशव ने फूल चढ़ाए, बोले- कल्याण सिंह को भारत रत्न दिया जाए
इससे पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- जापान के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में शामिल होने के कारण आने में देरी हुई। रास्ते में श्रद्धांजलि देने पहुंची भीड़ के चलते करीब एक घंटे का समय लग गया। बाबूजी पद्म विभूषण हैं, लेकिन उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए। इस मांग को आगे बढ़ाया जा रहा है और वह दिन दूर नहीं जब कल्याण सिंह को भारत रत्न मिलेगा। इससे उनके अनुयायियों का मनोबल भी बढ़ेगा।
केशव मौर्य ने कहा कि अयोध्या में रामलला की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री पद के बलिदान के कारण संभव हुआ। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को कारसेवकों ने बाबरी ढांचे को ध्वस्त किया और उस समय बाबूजी मुख्यमंत्री थे। मौर्य ने कहा कि 500 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया, जिससे पूरे हिंदू समाज का गौरव बढ़ा है।
ब्रजेश पाठक बोले– सपा की सरकार 4 बार आई, सत्ता परिवार तक सीमित रही
वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ को मानने वाले लोग आज भी श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें याद करते हैं। बाबूजी ने राम मंदिर के लिए 500 वर्षों के संघर्ष को आगे बढ़ाया और मुख्यमंत्री बनने के बाद साफ कहा था कि भगवान राम का मंदिर बनकर रहेगा। आज अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बना है, यह बाबूजी के संघर्ष और उनके संकल्प की देन है।
पाठक ने कहा कि बाबूजी भारतीय संस्कृति और सनातन आस्था के प्रतीक थे। उन्होंने रामलला के मंदिर के निर्माण के लिए सत्ता और सरकार की चिंता किए बिना अपना रुख स्पष्ट रखा। जो लोग देश की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान नहीं करते, उन्हें देश के इतिहास और अपनी विरासत को पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति अब प्रदेश में चलने वाली नहीं है।
सपा परिवार तक सीमित रही सत्ता
डिप्टी सीएम ने कहा कि सपा को प्रदेश में चार बार सरकार बनाने का मौका मिला, लेकिन उस दौरान सत्ता एक परिवार तक सीमित रही। सरकार को एक परिवार की निजी कंपनी की तरह चलाया गया और आज भी पार्टी और संगठन में परिवार का प्रभाव साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद समाज और सर्वसमाज की सेवा के बजाय परिवार के हितों को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान प्रदेश में हत्या और संगठित अपराध की घटनाएं होती थीं। इसके विपरीत मौजूदा सरकार ने विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता दी है। प्रदेश ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं के जरिए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
