Khan Sir: खान सर… यह नाम आज देश के करोड़ों छात्रों के बीच किसी परिचय का मोहताज नहीं है. बेहद कम फीस, देसी अंदाज और कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाने की शैली ने उन्हें देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में शामिल कर दिया है. लेकिन उनकी पहचान केवल एक सफल शिक्षक की नहीं रही, बल्कि लोकप्रियता के साथ-साथ विवाद भी लगातार उनके साथ जुड़े रहे हैं. दरअसल, बीते 2 और 3 जून को पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हिंसा, तोड़फोड़ और सुरक्षा कर्मी पर हमले की घटना सामने आई. पटना पुलिस ने इस मामले में कोचिंग संचालक रौशन आनंद समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
पुलिस के अनुसार, घटना में पोस्टर फाड़ने, पत्थरबाजी और सुरक्षा गार्ड पर हमला करने के आरोप हैं. लेकिन, मामला यहीं नहीं रुका. बाद में सामने आए कुछ वीडियो और जांच के आधार पर पुलिस ने खान सर यानी फैसल खान के खिलाफ भी नया मामला दर्ज किया. जांच में उनके संस्थान के सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. फिलहाल खान सर को गिरफ्तार करने और उनके खुद कोर्ट में सरेंडर करने को लेकर अटकलों का दौर जारी है. लेकिन, यह भी तथ्य है कि एक ओर जहां उन्होंने नाम कमाया है तो वे विवादों में भी रहे हैं.
पुराने विवाद फिर आए चर्चा में
रौशन आनंद विवाद के बाद सोशल मीडिया पर खान सर के पुराने विवाद भी दोबारा वायरल होने लगे हैं. इनमें उनके नाम और पहचान को लेकर उठे सवाल, आरआरबी-एनटीपीसी आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर, ‘सुरेश और अब्दुल’ वाले उदाहरण पर हुआ विवाद और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक टिप्पणियां शामिल हैं. खान सर को लेकर शुरुआती बड़े विवादों में से एक उनकी पहचान और नाम को लेकर था. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद उनके वास्तविक नाम को लेकर बहस शुरू हुई. बाद में विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और सार्वजनिक दस्तावेजों में उनका नाम फैसल खान बताया गया. इसके बाद कुछ लोगों ने उन पर अपनी पहचान को लेकर भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया, जबकि उनके समर्थकों का कहना था कि पढ़ाने की गुणवत्ता को नाम और धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
आरआरबी–एनटीपीसी आंदोलन और पुलिस कार्रवाई
साल 2022 में रेलवे भर्ती बोर्ड की एनटीपीसी परीक्षा के परिणामों को लेकर बिहार समेत कई राज्यों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए. इस दौरान कई जगह हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं. पटना पुलिस ने इस मामले में खान सर समेत कई कोचिंग संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. पुलिस का आरोप था कि कुछ शिक्षकों ने छात्रों को आंदोलन के लिए प्रेरित किया. हालांकि खान सर और उनके समर्थकों ने इन आरोपों को खारिज किया. बाद में वे पुलिस जांच में शामिल भी हुए.
‘सुरेश और अब्दुल’ वीडियो पर मचा विवाद
दिसंबर 2022 में खान सर का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. वीडियो में वे भाषा और व्याकरण का एक उदाहरण समझा रहे थे. इसमें ‘सुरेश’ और ‘अब्दुल’ नामों का उपयोग किया गया था. आलोचकों ने इसे मुस्लिम समुदाय के प्रति पूर्वाग्रह को बढ़ावा देने वाला बताया और कई राजनीतिक नेताओं ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. दूसरी ओर उनके समर्थकों का कहना था कि वीडियो का केवल एक हिस्सा वायरल किया गया और पूरा संदर्भ अलग था. यह विवाद कई दिनों तक राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना रहा.
पढ़ाने की शैली पर भी उठते रहे सवाल
खान सर की सबसे बड़ी ताकत उनकी हास्यपूर्ण और सरल शिक्षण शैली मानी जाती है. लेकिन यही शैली कई बार विवाद का कारण भी बनी. आलोचकों का कहना है कि गंभीर विषयों को मनोरंजक बनाने की कोशिश में वे कभी-कभी ऐसे उदाहरण दे देते हैं जिन्हें कुछ लोग आपत्तिजनक या असंवेदनशील मानते हैं. सोशल मीडिया पर उनके कई पुराने क्लिप समय-समय पर वायरल होते रहे हैं और बहस का विषय बनते रहे हैं.
तथ्यों की शुद्धता को लेकर आलोचना
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कुछ शिक्षकों और अभ्यर्थियों ने समय-समय पर उनके कुछ शैक्षणिक उदाहरणों और तथ्यों पर सवाल उठाए हैं. आलोचकों का कहना है कि जटिल विषयों को अत्यधिक सरल बनाने के प्रयास में कभी-कभी तथ्यात्मक त्रुटियां हो सकती हैं. हालांकि लाखों छात्र उनकी कक्षाओं को उपयोगी मानते हैं और उनके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही है.इन मामलों में कई बार आलोचना हुई, विरोध प्रदर्शन हुए और सोशल मीडिया अभियान चले.
फिर भी लोकप्रिय बने रहे फैजल खान
आरआरबी-एनटीपीसी मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन किसी अदालत द्वारा उन्हें उस मामले में दोषी ठहराए जाने की जानकारी नहीं है. इसी तरह ‘सुरेश-अब्दुल’ विवाद में भी व्यापक आलोचना हुई थी, पर आरोप और प्रतिक्रियाओं को आरोप एवं प्रतिक्रियाओं तक ही सीमित रहे. हालांकि, इन विवादों के बावजूद उनकी लोकप्रियता में बड़ी गिरावट नहीं आई. लाखों छात्र आज भी उन्हें अपनी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं.

