UP News: यूपी सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव का काफिला रोकने वाले भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत महोबा में जल जीवन मिशन का रियलिटी चेक करने उतरे। कई गांवों का दौरा करने के दौरान उन्होंने पाया कि जिन गांवों को ‘पूर्ण संतृप्त’ घोषित किया गया, वहां घरों के बाहर पाइप पड़े हैं। नलों पर टोंटियां तक नहीं लगी हैं। विधायक ने कहा कि गांवों में पानी का कनेक्शन अभी तक नहीं पहुंचा। महिलाएं आज भी मीलों दूर से सिर पर मटका रखकर पानी लाने को मजबूर हैं। उन्होंने एक महिला के कलश से पानी भी पीया। इसके बाद सीएम योगी से पूरे मामले की SIT जांच कराने की मांग की।
दरअसल, 30 जनवरी को बृजभूषण राजपूत ने पानी की समस्या को लेकर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव का काफिला रोक लिया था। इस दौरान उनके साथ करीब 100 ग्राम प्रधान भी थे। जिसके बाद मंत्री ने 20 दिन का समय मांगा था। उन्होंने वादा किया था कि पानी की समस्याएं दूर कराई जाएंगी।
पाइपलाइन में टोटियां तक नहीं जुड़ीं
विधायक के निरीक्षण में कई घरों के बाहर पाइप तो पड़े मिले, लेकिन नलों में टोटी नहीं लगी थी। ग्रामीणों ने बताया कि योजना शुरू हुए चार साल बीत गए, लेकिन आज तक घरों में पानी नहीं पहुंचा। गांवों में जलापूर्ति न होने के कारण महिलाएं आज भी मीलों दूर से सिर पर कलश रखकर पानी लाती हैं।
पाइपलाइन डालने के लिए कई जगह सड़कें खोदी गई थीं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। इससे रास्तों पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। हालात देखकर विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए बुंदेली कहावत कही- “एक को मारें दुई मर जाएं, तीसर खौफ खाए मर जाए।”
भाजपा विधायक बोले– अधिकारी गुमराह कर रहे
बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने आरोप लगाते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी मंत्री को गलत जानकारी दे रहे हैं। वह झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं। अगर चार साल बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा है तो यह विभाग की बड़ी नाकामी है।
विधायक के अनुसार, मंत्री स्वतंत्र देव ने 20 दिन की समयसीमा दी थी। उन्होंने कहा था कि पानी की समस्या खत्म कराई जाएंगी। मगर इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। 38 दिन बीत जाने के बाद भी जब गांवों में पानी नहीं पहुंचा तो मै गांवों में जाकर हालात का जायजा लेने निकला।

