Ganga Expressway: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह मेगा कॉरिडोर न केवल यात्रा को रफ्तार देगा बल्कि उद्योग, लॉजिस्टिक्स और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी तेजी देगा। ये परियोजना पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को जोड़ते हुए विकास को नई रफ्तार देगी। इससे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में कमी आएगी, उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और निवेश के नाए अवसर बनेंगे। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों की इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच भी आसान हो जाएगी।
प्रयागराज तक सात घंटे में पूरा होगा सफर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे आज से आम जनता के लिए खुलेगा। मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पश्चिम को पूर्वांचल से जोड़ेगा। अभी प्रयागराज तक पहुंचने में 12 से 13 घंटे लगते हैं। इस एक्सप्रेसवे के बाद छह-सात घंटे में सफर पूरा होगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल प्रदेश के विकास के रोडमैप को नई गति देगा बल्कि, विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा।
टोल दरें भी कर दी गई हैं तय
बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे के लिए टोल दरें तय कर दी गई हैं। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से जारी नई दरें 2026-27 के लिए लागू होगी। प्रति किमी के आधार पर निर्धारित दरें दिसंबर 2025 के थोक मूल्य सूचकांक को आधार बनाकर तय की गई हैं। दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर चालकों को प्रति किलोमीटर 1.28 रुपये का टोल देना होगा। वहीं कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहन के लिए 2.55 रुपये रखी गई हैं। हल्के वाणिज्यिक वाहन, लाइट गुड्स वीकल या मिनीबस के लिए 4.05 रुपये प्रति किमी निर्धारित हैं।
बस जैसे भारी वाहनों के लिए 8.20 रुपये, भारी निर्माण मशीनरी, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट और तीन से छह एक्स्सल वाले मल्टी एक्सल वाहनों के लिए 12.60 रुपये प्रति किमी शुल्क देना होगा। सात या उससे अधिक एक्सल वाले ओवरसाइजड वाहनों के लिए सबसे अधिक 16.10 रुपये टोल निर्धारित है।
इंतजाम
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-इमरजेंसी कॉल बॉक्स
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-24×7 एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग
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-फॉग वार्निंग सिस्टम
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-पूरी लंबाई में पेंसिंगइन सबके साथ इसे ‘हाई सेफ्टी कॉरिडोर’ बनाने की कोशिश है।
ये भी खूबियां
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-हरित पटूटी बनाने के लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफा पेड़ लगाए जा रहे हैं।
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-रेन वाटर हार्वेस्टिंग, आधुनिक डेमेज सिस्टम व सोलर एनर्जी आधारित सुविधाएं
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-आपातकालीन सेवाएं, एम्बुलेंस, ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम और सीसीटीवी निगरानी जैसी आधुनिक सुविधाएं भी होंगी।
यह भी महत्वपूर्ण
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-एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर की रफ्तार से वाहन भरेंगे फर्राटा।
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-जिले के 29 गांवों से होकर गुजर रहा एक्सप्रेसवे।
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-दिल्ली, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के वासी भी एनएच-09 के जरिए एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकते हैं।
भविष्य में हरिद्वार तक जाएगा एक्सप्रेसवे
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यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज तक बनाया गया है। भविष्य में इसे मेरठ से हरिद्वार तक बनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार बजट में भी घोषणा कर चुकी है।

