Mayawati on Republic Day 2026: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने केंद्र सरकार के सामने अपनी एक पुरानी मांग को मजबूती से दोहराया है। उन्होंने बसपा के संस्थापक मान्यवर कांशीराम को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजने की पुरजोर वकालत की है।
सोमवार को जारी अपने अधिकारिक बयान में मायावती ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कांशीराम जी ने अपना पूरा जीवन बहुजन समाज के गरीबों, शोषितों और उपेक्षितों को आत्म-सम्मान और स्वाभिमान दिलाने के लिए समर्पित कर दिया। उन्हें भारत रत्न देने में अब और देरी नहीं की जानी चाहिए।
केंद्र और राज्य सरकार को नसीहत
मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों को नसीहत देते हुए कुछ अहम बिंदु रखे। उन्होंने कहा कि संविधान पर गर्व करना तभी सार्थक होगा जब सरकारें बड़े-बड़े दावों और लुभावने वादों के जाल से बाहर निकलें। लोकतंत्र का महत्व तभी है, जब सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के जीवन में वास्तविक और बहु-अपेक्षित सुधार आए। इस दौरान उन्होंने हाल ही में घोषित पद्म पुरस्कारों और वीरता पुरस्कारों से सम्मानित होने वाले विजेताओं और उनके परिवारों को बधाई भी दी।
समस्त देशवासियों तथा दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों एवं उनके परिवार वालों को भी आज 77वें गणतंत्र दिवस की दिली मुबारकबाद/हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें।
वैसे आज के दिन अपने बेहतरीन संविधान पर गर्व करने के साथ-साथ इसका विशेष महत्व तभी है जब सरकारों के बड़े-बड़े दावों और…— Mayawati (@Mayawati) January 26, 2026
पद्म पुरस्कारों के बीच उठी भारत रत्न की मांग | Mayawati on Republic Day 2026
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार द्वारा पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई थी। ऐसे में मायावती का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उनकी इस मांग को आगामी चुनावों से पहले दलित और पिछड़ा वर्ग के वोटबैंक को एकजुट करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

