West Asia Tension: इस्लामाबाद में बातचीत फेल होने पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन नहीं होना चाहिए. ट्रंप ने कहा कि वो बातचीत के लिए फिर आएंगे. अगर नहीं आएंगे तो भी ठीक है, उनको इसकी कोई परवाह नहीं है. साथ ही उन्होंने फिर दोहराया कि युद्ध के बाद ईरान की स्थिति बेहद खराब है. पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, अमेरिका स्थिति को किसी और से बेहतर समझता है. बातचीत विफल होने के बाद ट्रंप ने दोहराया कि ‘ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे. ऐसा संभव ही नहीं है.’ उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘वे अब भी परमाणु हथियार चाहते हैं और उन्होंने पिछली रात (इस्लामाबाद पीस टॉक) में यह स्पष्ट कर दिया. ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे.’
तेहरान से फिर बातचीत पर क्या बोले ट्रंप?
दोनों पक्षों के बीच बातचीत फिर से शुरू होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ‘मुझे नहीं पता. मुझे परवाह नहीं कि वे बातचीत शुरू करेंगे या नहीं. अगर वे बातचीत शुरू नहीं करते हैं, तो भी मुझे कोई आपत्ति नहीं है.’ ट्रंप ने फिर दोहराया कि ईरान की सैन्य ताकत अब काफी कमजोर हो चुकी है और बातचीत में उसके पास अब कोई मजबूत विकल्प नहीं बचा है. ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में ट्रंप ने कहा कि तेहरान की हालत बहुत खराब है. उसके पास अब कोई ताकत नहीं बची है. उन्होंने दावा किया कि उसकी नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कई जहाज समुद्र में डूब चुके हैं और उसके पास अब नए और मजबूत जहाज भी नहीं बचे हैं.
इससे पहले फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की लीडरशिप में बदलाव आया है. उन्होंने कहा, यहां सत्ता परिवर्तन हुआ है क्योंकि जिन लोगों से हमने कल बात की थी, सच कहूं तो वे बहुत होशियार और तेज-तर्रार थे. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने अपना बहुत सारा पैसा हथियारों पर खर्च किया, लेकिन अमेरिका ने उन हथियारों का बड़ा हिस्सा नष्ट कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान लंबे समय से अमेरिका के खिलाफ कड़ी बातें करता रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान अक्सर ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘इजरायल मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाता रहा है और यहां तक कहता है कि वह अमेरिका को खत्म कर देगा. ट्रंप ने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे बयानों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा प्रतिक्रिया क्यों नहीं होती. उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर बात है, लेकिन दुनिया इसे उतना महत्व नहीं देती. उन्होंने दावा किया कि हाल में अमेरिका की कार्रवाई से हालात पूरी तरह बदल गए हैं.

