Vehicle Mileage: गाड़ी का माइलेज बढ़ाने के 15 आसान तरीके जो मैकेनिक जानते हैं, आप नहीं!

Vehicle Mileage: गाड़ी का माइलेज बढ़ाने के 15 आसान तरीके जो मैकेनिक जानते हैं, आप नहीं!

Vehicle Mileage: पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और हम सब परेशान हैं कि माइलेज कैसे बढ़ाएं। सर्विस सेंटर वाले तो बस तेल बदलने और फिल्टर साफ करने की बात करते हैं, लेकिन असली राज तो बोनट के नीचे और आपकी ड्राइविंग में छुपा है। आज हम बात करेंगे उन 15 बातों की जो हर मैकेनिक जानता है लेकिन शायद आपको किसी ने नहीं बताई।

दोपहर में पेट्रोल भरवाना मतलब पैसे का नुकसान

  • जी हां, ये सुनने में अजीब लगता है लेकिन सच है। गर्मी में पेट्रोल फैलता है, मतलब उसका वॉल्यूम बढ़ जाता है। तो जब आप दोपहर की चिलचिलाती धूप में पेट्रोल पंप जाते हैं, तब पेट्रोल गर्म होता है और उसमें हवा ज्यादा होती है। सुबह 7 बजे से पहले पेट्रोल भरवाएं जब तापमान कम होता है। तब पेट्रोल घना होता है और आपको पूरा लीटर मिलता है।

स्पार्क प्लग सिर्फ बदलना काफी नहीं, उसका गैपभी चेक करवाओ

  • बहुत से लोग सोचते हैं कि नया स्पार्क प्लग लगा दिया तो काम हो गया। लेकिन नहीं! स्पार्क प्लग के बीच का गैप (अंतर) बिल्कुल सही होना चाहिए। अगर ये थोड़ा भी कम या ज्यादा हुआ, तो पेट्रोल पूरी तरह नहीं जलेगा। बचा हुआ पेट्रोल धुएं के साथ बाहर निकल जाएगा। इसे ‘फिलर गेज’ नाम के टूल से चेक करवाना होता है। ये छोटी सी बात माइलेज में बड़ा फर्क डालती है।

फ्यूल फिल्टर को मत भूलिए

  • एयर फिल्टर तो सब याद रखते हैं, लेकिन फ्यूल फिल्टर? वो तो जैसे गायब ही हो जाता है। अगर ये गंदगी से भर गया तो फ्यूल पंप को बहुत मेहनत करनी पड़ती है पेट्रोल या डीजल को इंजन तक पहुंचाने के लिए। इससे बैटरी पर भी लोड पड़ता है और सीधा असर माइलेज पर होता है। हर सर्विस में इसे चेक जरूर करवाएं।

80 की स्पीड के बाद खिड़की खोलना = AC से ज्यादा पेट्रोल खर्च

  • ये थोड़ा अजीब लगता है ना? लोग सोचते हैं कि AC बंद करके खिड़की खोल लेंगे तो पेट्रोल बचेगा। लेकिन हाईवे पर तेज रफ्तार में ऐसा करना उल्टा पड़ता है। खुली खिड़की से हवा अंदर घुसती है और गाड़ी को पीछे की तरफ खींचती है। इसे ‘एयर ड्रैग’ कहते हैं। इंजन को इस खिंचाव के खिलाफ काम करने के लिए ज्यादा पेट्रोल चाहिए होता है। हाईवे पर तेज स्पीड में AC चलाना, खिड़की खोलने से बेहतर है।

गियर बदलने का भी तरीका होता है

  • कुछ लोग पहले गियर में ही 40-50 की स्पीड पकड़ लेते हैं। कुछ लोग धीमी स्पीड पर चौथा-पांचवा गियर डाल देते हैं। दोनों ही गलत हैं। जब इंजन घुरघुराने लगे या बहुत तेज आवाज करे, समझ जाओ कि पेट्रोल बेकार जल रहा है। करीब 2000 RPM पर गियर बदल देना चाहिए। ये वो पॉइंट है जहां इंजन सबसे अच्छे से काम करता है।

ब्रेक जामतो नहीं? ये भी चेक करो

  • कई बार ब्रेक पैड या कैलीपर थोड़े जाम हो जाते हैं। मतलब जब आप ब्रेक से पैर हटाते हो, तब भी ब्रेक पूरी तरह छूटते नहीं। किसी ढलान पर गाड़ी को न्यूट्रल में छोड़ो। अगर वो आसानी से नहीं लुढ़क रही तो समझो कुछ गड़बड़ है। ये अंदर ही अंदर घर्षण पैदा करता है और माइलेज मारता है।

डिक्की का कबाड़ निकाल दो

  • डिक्की में पुराने औजार, फालतू का सामान, एक्स्ट्रा टायर जो सालों से पड़ा है – सब निकाल दो। हर 50 किलो एक्स्ट्रा वजन आपका माइलेज 2% कम कर देता है। जितनी हल्की गाड़ी, उतना कम पेट्रोल।

क्लच पर पैर रखना बंद करो

  • बहुत से लोगों की आदत होती है कि वो क्लच पेडल पर हल्का सा पैर रखे रहते हैं। इससे क्लच प्लेट थोड़ी स्लिप करती रहती है। नतीजा? पावर बर्बाद, पेट्रोल बर्बाद, और क्लच भी जल्दी खराब। पैर को क्लच के बगल वाले ‘रेस्ट’ पर रखो। वहीं उसकी जगह है।

रेड लाइट पर स्मार्ट बनो

  • अगर सिग्नल 30 सेकंड से ज्यादा का है, तो इंजन बंद कर दो। आजकल की गाड़ियों में स्टार्ट करने में उतना पेट्रोल नहीं लगता जितना खाली खड़े रहने में 10 सेकंड में जल जाता है। कई नई गाड़ियों में तो ऑटो स्टार्ट-स्टॉप फीचर भी आता है। उसे ऑन रखो।

टायर का प्रेशर रोज चेक करो (या कम से कम हफ्ते में एक बार)

  • ये सबसे आसान और सबसे असरदार तरीका है। कम हवा वाले टायर माइलेज के सबसे बड़े दुश्मन हैं। कम हवा में टायर ज्यादा दबता है, घर्षण बढ़ता है, और इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। हमेशा टायर में कंपनी की बताई हुई हवा डलवाओ। ये आंकड़ा ड्राइवर के दरवाजे के अंदर या मैनुअल में लिखा होता है। 2-3 PSI कम हवा भी 5-6% तक माइलेज गिरा सकती है।

इंजन ऑयल का सही ग्रेड इस्तेमाल करो

  • बहुत से लोग सोचते हैं कि सबसे महंगा या सबसे ‘गाढ़ा’ तेल सबसे अच्छा होता है। गलत! हर गाड़ी के लिए एक खास ग्रेड का इंजन ऑयल होता है – जैसे 5W-30 या 10W-40। अगर आप गलत ग्रेड का तेल डालते हो, तो इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। हमेशा मैनुअल में दिया गया ऑयल ग्रेड ही इस्तेमाल करो। और हां, सर्विस इंटरवल में देरी मत करो। पुराना तेल घर्षण बढ़ाता है।

AC का सही इस्तेमाल सीखो

AC तो पेट्रोल खाएगा ही, लेकिन स्मार्ट तरीके से चलाओगे तो बचत हो सकती है।

  • – शहर में कम स्पीड पर AC मत चलाओ, खिड़की खोलो

  • – हाईवे पर तेज स्पीड में AC चलाओ, खिड़की बंद रखो

  • – पहले खिड़कियां खोलकर गर्म हवा निकालो, फिर AC चालू करो

  • – AC को सबसे ठंडे (16-17°C) पर मत चलाओ, 23-24°C काफी है

  • – रिसर्क्युलेशन मोड का इस्तेमाल करो, बाहर की गर्म हवा अंदर नहीं आएगी

एक्सीलरेटर को ऑनऑफस्विच मत समझो

  • बहुत से लोग एक्सीलरेटर को जोर से दबाते हैं, फिर छोड़ देते हैं, फिर दबाते हैं। ये सबसे बुरी आदत है। एक्सीलरेटर को आराम से और लगातार दबाओ। गाड़ी को धीरे-धीरे स्पीड पकड़ने दो। अचानक रेस देने से पेट्रोल का झरना खुल जाता है। एक्सीलरेटर पेडल नहीं, रिमोट कंट्रोल है। जितना नरम हाथ, उतना कम पेट्रोल।

ट्रैफिक को पढ़नासीखो

  • अनुभवी ड्राइवर आगे की ट्रैफिक देखकर अपनी स्पीड कंट्रोल करते हैं। वो अंदाजा लगा लेते हैं कि कब रुकना पड़ेगा, कब सिग्नल लाल होगा। अगर आपको पता है कि 200 मीटर आगे रुकना है, तो रेस देकर वहां पहुंचने का क्या फायदा? धीरे हो जाओ, कोस्टिंग में चलो। जब गाड़ी की रफ्तार से गियर में चल रही हो, लेकिन आप एक्सीलरेटर नहीं दबा रहे। इस समय पेट्रोल की खपत बहुत कम होती है।

पार्किंग में भी दिमाग लगाओ

ये अजीब लग सकता है, लेकिन कहां पार्क करते हो, ये भी माइलेज पर असर डालता है।

  • – गर्मी में छाया में पार्क करो। धूप में खड़ी गाड़ी गर्म होती है, फिर AC को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है

  • – ढलान पर अगर पार्क कर सकते हो, तो स्टार्ट करते समय गाड़ी खुद लुढ़कने लगेगी, स्टार्टिंग लोड कम होगा

  • – पेट्रोल टैंक की तरफ धूप न लगे, इस तरह पार्क करो। गर्मी से पेट्रोल का वाष्पीकरण होता है

एक टैंक पेट्रोल में एक्सपेरिमेंट करो

सभी टिप्स एक साथ फॉलो करना मुश्किल है। तो ये करो:

  • – एक टैंक पेट्रोल में नॉर्मल तरीके से चलाओ, माइलेज नोट करो

  • – अगले टैंक में 3-4 टिप्स फॉलो करो, फिर से नोट करो

  • – जो फर्क दिखे, उसके हिसाब से अपनी आदतें बदलो

माइलेज बढ़ाने का कोई जादू नहीं है। बस थोड़ी समझदारी और सही आदतें चाहिए। आक्रामक ड्राइविंग, बार-बार ब्रेक मारना, बेवजह रेस लगाना – ये सब सिर्फ पेट्रोल जलाता है। जो धीरे-धीरे एक्सीलरेट करता है, सही समय पर गियर बदलता है और गाड़ी को प्यार से चलाता है, वही असली ड्राइवर है। और हां, उसकी जेब भी भारी रहती है! इन टिप्स को फॉलो करने के बाद जब आप अगली बार पेट्रोल पंप पर कम पैसे खर्च करेंगे, तब आपको समझ आएगा कि थोड़ी सी समझदारी कितनी बचत करा सकती है। पेट्रोल-डीजल महंगे हैं, लेकिन हमारी आदतें और भी महंगी पड़ सकती हैं। छोटे-छोटे बदलाव, बड़ी बचत!

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