UP News: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना प्रदेश की जनता से अपील की है कि दीपावली पर ग्रीन पटाखे ही जलाएं। यथासंभव पटाखों को सामूहिक एवं सुरक्षित रूप से जलाएं तथा बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। पटाखे जलाते समय बाल्टी में पानी अवश्य रखें। उन्होंने कहा कि शीतकालीन मौसम में वायु गुणवत्ता खराब होने के कारण जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वायु प्रदूषण की रोकथाम जनसहभागिता से ही संभव है। बता दें कि राजधानी लखनऊ स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय में मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि पारंपरिक पटाखों की तुलना में ग्रीन पटाखों में हानिकारक रसायनों जैसे बेरियम, पोटेशियम, नाइट्रेट, सल्फर, एल्युमीनियम आदि की मात्रा बहुत कम या नहीं भी होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कूड़ा न जलाएं और न दूसरों को जलाने दें।
समीर एप का करें इस्तेमाल, सभी की सहभागिता जरूरी
डॉ. सक्सेना ने कहा, खेतों में पराली जलाने से पर्यावरण को बहुत नुकसान होता है। इसे बिल्कुल न जलाएं। समीर एप के जरिए प्रदूषण की शिकायत दर्ज कराएं। डॉ. सक्सेना ने कहा कि वायु प्रदूषण की समस्या के संबध में ऑनलाइन ‘समीर ऐप’ के माध्यम से आम नागरिक शिकायत दर्ज कर सकता हैं। उन्होंने कहा कि लोग यथासंभव निजी वाहनों का उपयोग करें। उन्होंने यह भी अपील की कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जाए। निर्माण कार्यों से उत्पन्न होने वाले वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए खुले में निर्माण सामग्री का भंडारण न किया जाए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों व नगर निगमों से आग्रह किया कि आम जनता को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। वायु प्रदूषण नियंत्रण एवं कुप्रभाव से अवगत कराएं। इस मौके पर राज्यमंत्री केपी मलिक और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन डॉ. आरपी सिंह ने भी ग्रीन पटाखों के साथ सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील की।

