Bangladesh Hindu Murder Case: बांग्लादेश के दक्षिणी हिस्से चटगांव डिवीजन के फेनी जिला स्थित दागनभुइयां में रविवार (11 जनवरी) को अज्ञात बदमाशों ने 28 वर्षीय हिंदू युवक समीर कुमार दास की पीट-पीटकर और चाकू मारकर हत्या कर दी। उसका ऑटो रिक्शा भी लूट लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, समीर रविवार शाम लगभग 7 बजे ऑटोरिक्शा लेकर घर से निकला था। देर रात तक जब वह नहीं लौटा तो परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 2 बजे जगतपुर गांव के एक खेत में स्थानीय लोगों को उसका शव मिला। दागनभुइयां थाने के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, समीर की हत्या में देसी हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। प्राथमिक जांच में लग रहा है कि हत्या पहले से प्लानिंग के तहत की गई थी। जांच जारी है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
23 दिनों में 7वीं हत्या
बांग्लादेश में 23 दिनों के दौरान हिंदू की हत्या की ये 7वीं घटना है। इससे पहले 5 जनवरी को बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में एक हिंदू दुकानदार की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। मृतक 40 साल का शरत चक्रवर्ती मणि था।
इलाज के अभाव में जेल में बंद हिंदू सिंगर की जान गई
दूसरी ओर, बांग्लादेश की एक जेल में बंद हिंदू गायक और सांस्कृतिक कार्यकर्ता प्रोलॉय चाकी की इलाज के अभाव में मौत हो गई। उन्हें 11 जनवरी की रात करीब 9 बजे दिल के दौरा आया था। उन्हें राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रोलॉय प्रसिद्ध सांस्कृतिक आयोजक और अभिनेता, दिवंगत लक्ष्मी दास चाकी के बेटे थे। प्रोलॉय प्रतिबंधित आवामी लीग के जिला सांस्कृतिक सचिव थे।
बांग्लादेश में सत्तापलट के बाद अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े
करीब 17 करोड़ की आबादी वाले मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में साल 2024 के सत्तापलट के बाद से हालात अस्थिर बने हुए हैं। इस्लामी संगठनों की सक्रियता बढ़ने से अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ गए हैं। बांग्लादेश में हिंदू और सूफी मुस्लिम सहित अल्पसंख्यकों की आबादी 10% से भी कम है।
बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद ने देशभर में अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ते हमलों पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं।
भारत ने कहा– अल्पसंख्यकों पर बार-बार हो रहे हमले चिंताजनक
भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के साथ हो रहे व्यवहार पर चिंता जताई है। पिछले सप्ताह भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह बांग्लादेश की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और उनकी संपत्तियों पर बार-बार हो रहे हमलों का चिंताजनक पैटर्न देख रहे हैं। ऐसी घटनाओं से सख्ती से और तुरंत निपटा जाना चाहिए।
रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि कई मामलों में इन हमलों को व्यक्तिगत रंजिश या राजनीतिक कारण बताकर कमतर आंका जाता है, जिससे कट्टरपंथी तत्वों का हौसला बढ़ता है और अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना गहरी होती है। हालांकि, बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने भारत के आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया है।

