सपा ने सैफई के रिश्तेदार को आयोग का अध्यक्ष बनाया: मिर्जापुर में बोले सीएम योगी

सपा ने सैफई के रिश्तेदार को आयोग का अध्यक्ष बनाया: मिर्जापुर में बोले सीएम योगी

UP News: मिर्जापुर में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि सपा सरकार ने सैफई परिवार के अनिल यादव को लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया। अनिल योग्य नहीं था। हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी के साथ उन्हें कुर्सी से हटाया और कहा कि वह उस पद के योग्य नहीं हैं। उस समय युवा सड़कों पर चिल्लाता था, लेकिन लखनऊ में बैठी अखिलेश यादव की सरकार कानों में तेल डालकर खर्राटे लेती थी।

मुख्‍यमंत्री योगी ने कहा, सपा को यूपी में 4 बार सरकार बनाने का मौका मिला। लेकिन काम सिर्फ परिवार के लिए किया। ऐसे ही कांग्रेस को अपने समय में सिर्फ नेहरू परिवार ही दिखता था। जनता से इन लोगों को कोई मतलब नहीं था।

इसके पहले सीएम योगी ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन किया। इसके बाद भैसा गांव में 43.65 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल का लोकार्पण कर कई योजनाओं का शिलान्यास किया। फिर एनएच-36 स्थित कालीखोह मंदिर मोड़ के पास जनसभा को संबोधित करके प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।

सपा के बैरियर्स को उखाड़ फेंकने का समय आया

सीएम योगी ने कहा कि सपा ने हमेशा विकास के कामों में बैरियर का काम किया है। ये लोग विकास के कामों में रोड़ा अटकाते थे। अब समय आ गया है कि इन्हें बैरियर ही बने रहने दिया जाए। इन बैरियरों को एक झटके में उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने 23 अक्टूबर को होने वाले शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों केदारनाथ और प्रमोद मिश्रा को वोट देने की अपील की। साथ ही सपा को करारा जवाब देने की बात कही।

पहले के सरकार चलाने वाले दिग्भ्रमित थे

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया है। अब श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकते हैं। यह काम 2017 से पहले भी हो सकता था, लेकिन उस समय मां काली खोह और मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर के विकास पर खर्च होने वाला पैसा कब्रिस्तान में खर्च हो जाता था। हमारे विधायकों को भी परेशानी होती थी। जब मैं पूर्वांचल जाता हूं तो लोग मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर की चर्चा करते हैं। इस तरह के काम करने के लिए इच्छाशक्ति होनी चाहिए।

उन्‍होंने कहा कि जिन लोगों को सरकार चलाने का मौका मिला, वे दिग्भ्रमित थे। पहले की सरकारों में हर काम परिवार के नाम पर होता था। कांग्रेस हो या सपा, दोनों की यही नियति रही है। कांग्रेस सिर्फ नेहरू परिवार के लिए काम करती थी, जबकि सपा सैफई परिवार के लिए काम करती थी। इसी वजह से जनता ने उन्हें बेगाना कर दिया।

सपा कहती कुछ और, करती कुछ और है

सीएम योगी ने कहा कि भाजपा ने आठ प्रत्याशियों को टिकट दिया था। इनमें तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति के प्रत्याशी शामिल थे। भाजपा ने सामान्य कार्यकर्ताओं को मौका दिया, किसी धन्नासेठ को नहीं। भाजपा के सभी आठ प्रत्याशी चुनाव जीत गए और सपा के पीडीए की हवा निकल गई। उन्होंने कहा कि सपा कहती कुछ है और करती कुछ और है।

योगी ने कहा कि सपा ने राज्यसभा चुनाव में अपना वास्तविक चेहरा दिखा दिया। सपा पीडीए-पीडीए चिल्ला रही थी, लेकिन प्रत्याशी बनाने की बारी आई तो एक टिकट अपने चाचा को दिया और दूसरा मुंबई के धन्नासेठ को। इनमें एक भी दलित, वंचित या पिछड़े वर्ग का प्रत्याशी नहीं था। मैं तो कहता हूं कि किसी मुस्लिम को ही प्रत्याशी बना देते।

सैफई परिवार जिसे चाहता था, उसे नौकरी मिलती थी

योगी ने कहा कि सपा को चार बार सरकार बनाने का मौका मिला, लेकिन मिर्जापुर मंडल में एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं बन पाया। अब मिर्जापुर और भदोही में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण शुरू हो गया है। सोनभद्र में भी मेडिकल कॉलेज बन गया है। उन्होंने कहा कि पहले सड़कों की हालत खराब थी और घंटों जाम लगा रहता था। न सड़कें थीं, न शिक्षा की बेहतर व्यवस्था और न ही युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर। सैफई परिवार जिसे चाहता था, उसे नौकरी मिलती थी। नौकरी के पूरे तंत्र पर एक ही परिवार का कब्जा था।

सीएम ने कहा कि प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बनने के बाद साढ़े नौ लाख युवाओं को नौकरी दी गई। एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए गए।

शिक्षा व्यवस्था और रोजगार को लेकर सपा पर हमला

सीएम योगी ने कहा कि सपा और कांग्रेस शिक्षा विरोधी हैं। पहले प्रदेश में अराजकता चरम पर थी। विश्वविद्यालय नहीं खोले जाते थे और न ही संस्थानों को मान्यता दी जाती थी। जब शिक्षा का सम्मान नहीं होता तो सबसे पहले शिक्षकों का सम्मान प्रभावित होता है। योगी ने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए अनिल यादव का नाम लिया।

उन्होंने कहा कि अनिल यादव सैफई परिवार के रिश्तेदार थे। सपा सरकार ने उन्हें लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बना दिया था, जबकि वे उस पद के योग्य नहीं थे। हाईकोर्ट ने उन्हें पद से हटा दिया था। उस समय युवा सड़कों पर प्रदर्शन करते थे, लेकिन अखिलेश यादव की सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी करती रही। सीएम ने कहा कि आज प्रदेश का युवा नौकरी पा रहा है और स्टार्टअप भी शुरू कर रहा है। सरकार दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इनमें से 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। चुनाव के बाद बाकी युवाओं को भी टैबलेट दिए जाएंगे।

शिक्षकों को सुविधाएं और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर

सीएम योगी ने कहा कि पहले शिक्षकों को न तो सम्मान मिलता था और न ही पर्याप्त सुविधाएं। उनकी सरकार ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के 15 लाख शिक्षकों को सम्मान दिया है। उन्हें पांच लाख रुपये का हेल्थ कवर दिया गया है। इसके साथ ही 40 लाख रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। अभ्यर्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से पढ़ाई कर सकते हैं। इसके अलावा, युवाओं की पढ़ाई के लिए पुस्तकालय भी बनाए जा रहे हैं।

आस्था आर्थिकी में मदद करती है

सीएम योगी ने कहा कि आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल करने में आस्था भी अर्थव्यवस्था का आधार बन सकती है। मां विंध्यवासिनी और काशी विश्वनाथ मंदिर इसके उदाहरण हैं। अयोध्या में पहले गलियां संकरी थीं और रामलला टाट के नीचे विराजमान थे। देश के लोग सवाल करते थे कि क्या यही स्वाधीनता है?

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है। राम मंदिर का विरोध करने वाले और आस्था पर कुठाराघात करने वाले लोग आज आस्था पर उपदेश देते फिर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *