UP News: उत्तर प्रदेश में बेमौसम बरसात के कारण किसानों की हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। शनिवार (01 नवंबर) को भी 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी है। पूर्वांचल के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। 10- 20 किमी की स्पीड से से हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज से प्रदेश में तूफान मोन्था का असर कम होना शुरू हो जाएगा। धूप खिलने से अगले तीन दिनों में प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में दिन का तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है।
शुक्रवार की बात करें तो वाराणसी, बलिया, मऊ समेत 20 शहरों में बारिश हुई। झांसी में फसल खराब होने से किसान की मौत हो गई, जबकि कौशांबी में करीब 1000 क्विंटल धान भीग गया। प्रदेश में बाराबंकी का तापमान सबसे कम दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान 17 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
तापमान में गिरावट
मौसम विभाग ने बताया कि जालौन में तापमान में 10 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। 32 डिग्री से पारा लुढ़ककर 22 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं, मिर्जापुर में तापमान 9 डिग्री तक गिरा। गोरखपुर और लखनऊ मंडल के जिलों में पारा 4 डिग्री घटा, जबकि कानपुर मंडल के जिलों में 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, बारिश और तेज हवा का असर धान की फसल पर पड़ा है। धान के दाने खराब होने और फफूंद लगने की आशंका बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सर्वे कराकर आपदा से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का निर्देश दिया है। वहीं, गेहूं की बुआई के लिए मौसम सही है। बारिश से मिट्टी में पर्याप्त नमी आ चुकी है, जिससे बिना सिंचाई के जोताई और बुआई आसान हो गई है। इससे अंकुरण अच्छा होगा। चना, मसूर, मटर और सरसों की बुआई के लिए भी अच्छा समय है।
यूपी के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट
सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर और अंबेडकर नगर में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

