लखनऊ: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के अंचल कार्यालय द्वारा 14 और 15 फरवरी को लखनऊ में दो दिवसीय खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पहले दिन खेल प्रतियोगिताएं इकाना स्टेडियम में आयोजित हुईं, जबकि दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘ताल तरंग 2026’ का आयोजन Mercure Lucknow में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अंचल प्रबंधक मृत्युंजय के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस आयोजन में देहरादून, लखनऊ, पटना और वाराणसी अंचलों के महिला एवं पुरुष कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के इस चरण में विजेता प्रतिभागी अब प्रधान कार्यालय, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली अंतिम प्रतियोगिता में सहभागिता करेंगे।
अपने संबोधन में अंचल प्रबंधक ने कहा कि खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियां कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती हैं। इससे कार्यस्थल पर तनाव कम होता है, टीम भावना सुदृढ़ होती है और उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि जीवन भी एक नाट्य और संगीत की तरह है, जिसमें हम सभी अपनी भूमिका निभाते हैं और संगीत सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

इन प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
14 फरवरी को क्रिकेट, बैडमिंटन (पुरुष एवं महिला), टेबल टेनिस (पुरुष एवं महिला) और कैरम प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं 15 फरवरी को क्रिकेट के साथ एथलेटिक्स की 100 मीटर एवं 1500 मीटर दौड़, गोला फेंक, लंबी कूद और शतरंज प्रतियोगिताएं संपन्न हुईं। सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘ताल तरंग 2026’ में समूह गान, समूह नृत्य, एकल गान, एकल नृत्य, शास्त्रीय गायन और वाद्य यंत्र प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
विजेताओं को किया गया सम्मानित
खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विभिन्न वर्गों में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को अंचल प्रबंधक एवं प्रेरणा ग्रुप की अध्यक्षा बबीता द्वारा मेडल और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को प्रधान कार्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक सहायक महाप्रबंधक मनीष जैन, मुख्य प्रबंधक ऋषि दुग्गल, अवधेश वर्मा, सोनू तिवारी, रावेन्द्र कुमार, शरद चंद्र सहित बैंक के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर उप अंचल प्रबंधक काजमी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगी स्टाफ का धन्यवाद ज्ञापित किया।

