Vande Matram Controversy: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। गुरुवार (20 अगस्त) को उन्होंने कहा कि कांग्रेस का वंदे मातरम पूरा न गाना तुष्टीकरण और राष्ट्रविरोधी है। 1937 में कांग्रेस ने फैसला लिया था, उसे पीएम मोदी ने सुधारा है। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 1937 में राष्ट्रगीत के टुकड़े कर मुस्लिम तुष्टीकरण किया था। इसने देश के बंटवारे की नींव रखी। देश की जनता कांग्रेस के इस फैसले को नहीं सहेगी।
दरअसल, कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने बुधवार को तय किया था कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 पैरा में से सिर्फ शुरुआती दो पैरा गाए जाएंगे।
शाह ने कहा– कांग्रेस संसद के कानून को नहीं मान रही
अमित शाह ने कहा, ‘मैं देश को याद दिलाना चाहता हूं कि 1937 में मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए वंदे मातरम् को विभाजित करके कांग्रेस ने देश के विभाजन की नींव रखी थी। नरेंद्र मोदी सरकार ने कांग्रेस की उस गलती को सुधारने के लिए कदम उठाया है। इससे राष्ट्रीय एकता मजबूत होगी और इसे कानूनी ढांचा भी दिया गया है।’
उन्होंने कहा, ‘पार्टी ने न केवल बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना का अपमान किया है, बल्कि उन लाखों लोगों का भी अपमान किया है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। आज कांग्रेस पार्टी अपने 1937 के प्रस्ताव को लागू कर रही है, लेकिन संसद के बनाए गए कानून को खारिज कर रही है। मुझे आश्चर्य है कि राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर तुष्टीकरण की राजनीति को आगे बढ़ा रही है।’
15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में कार्यक्रम के बाद विवाद हुआ
वंदे मातरम को लेकर भाजपा और कांग्रेस में विवाद 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद शुरू हुआ। BJP ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में पूरा वंदे मातरम गाए जाने पर सोनिया गांधी ने इसे रोकने की कोशिश की। BJP ने इसका वीडियो भी X पर शेयर किया और दावा किया कि राहुल गांधी भी पूरे गायन के दौरान परेशान दिखा।
कांग्रेस ने कहा था– पूरा वंदे मातरम गाया गया था
भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस ने सफाई दी थी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में पूरा वंदे मातरम गाया गया था और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई।
उनके मुताबिक, सोनिया गांधी का इशारा गीत रोकने के लिए नहीं था। वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं क्योंकि वे लंबे समय से खड़े थे।
11 अगस्त: नया कानून बना, वंदे मातरम के अपमान पर 3 साल सजा
वंदे मातरम को लेकर यह विवाद ऐसे समय हुआ है, जब संसद ने हाल ही में इसे कानूनी संरक्षण देने वाला नया कानून पास किया है। इसके तहत वंदे मातरम को ‘जन गण मन’ के बराबर कानूनी संरक्षण मिला है। जानबूझकर इसके अपमान या गायन में रुकावट डालने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
