NASA: नासा के मून मिशन आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री शुक्रवार को प्रशांत महासागर में चंद्रमा से वापस लौटे और इस तरह आधी सदी से भी अधिक समय में मानवता की पहली चंद्र यात्रा का समापन हुआ. अंतरिक्षयान ओरियोन 10 दिन के सफल मिशन के बाद प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतरा. आर्टेमिस 2 कैलिफोर्निया के प्रशांत महासागर में सैन डिएगो तट के पास उतरने का नेटफ्लिक्स और नासा के यूट्यूब चैनल पर प्रसारण किया गया. ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टिना कोच (नासा) और जेरेमी हैंसन (कनाडियन स्पेस एजेंसी) ने लगभग 10 दिन की ऐतिहासिक यात्रा पूरी की. स्प्लैश डाउन सैन डिएगो तट से करीब 40-60 मील दूर प्रशांत महासागर में हुआ, जहां यूएस नेवी की रिकवरी टीम ने उन्हें तुरंत सहायता दी.
मानव इतिहास में सबसे दूर की यात्रा का नया रिकॉर्ड
अपोलो-17 (1972) के बाद 53 सालों में मनुष्यों द्वारा चंद्रमा की पहली यात्रा थी. क्रू ने चंद्रमा के दूर वाले हिस्से को करीब से देखा और मानव इतिहास में सबसे दूर की यात्रा का नया रिकॉर्ड बनाया. लगभग 4,06,771 किलोमीटर. यात्रा के दौरान उन्होंने चंद्रमा की तस्वीरें लीं, वैज्ञानिक अवलोकन किए और एक पूर्ण सूर्य ग्रहण भी देखा. नासा ने बताया कि ओरियन स्पेसक्राफ्ट वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करते समय 32 गुना ध्वनि की गति से आगे बढ़ा और हजारों डिग्री तापमान झेलने के बाद पैराशूट की मदद से धीरे-धीरे 17 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पानी पर उतरा.
#WATCH | The Artemis II capsule and its four-member crew safely splash down in the Pacific Ocean after nearly 10 days in space
The crew will be assisted out of the capsule one by one.
(Source: NASA/YouTube) pic.twitter.com/3YKM0y2WWy
— ANI (@ANI) April 11, 2026
चंद्रमा पर बेस स्थापित करने की दिशा में पहला बड़ा कदम
1 अप्रैल को फ्लोरिडा से रवाना हुए अंतरिक्ष यात्रियों ने नासा के बहुप्रतीक्षित चंद्र मिशन को कुशलतापूर्वक अंजाम देते हुए एक के बाद एक कई उपलब्धियां हासिल कीं. यह मिशन चंद्रमा पर एक स्थायी बेस स्थापित करने की दिशा में पहला बड़ा कदम था. आर्टेमिस II चंद्रमा पर न तो उतरा और न ही उसकी परिक्रमा कर पाया लेकिन इसने अपोलो 13 के दूरी के रिकॉर्ड को तोड़ दिया और पृथ्वी से मानव द्वारा तय की गई अब तक की सबसे लंबी दूरी का रिकॉर्ड बनाया. जब चालक दल 252,756 मील (406,771 किलोमीटर) की दूरी तक पहुंचा. मिशन के सबसे भावुक दृश्य में अंतरिक्ष यात्रियों ने 2 क्रेटरों का नाम अपने चंद्रयान और वाइजमैन की दिवंगत पत्नी कैरोल के नाम पर रखने की अनुमति मांगी. यह मिशन नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा पर स्थायी मानव बेस स्थापित करना और मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजना है. आर्टेमिस III में चंद्रमा की सतह पर उतरने की योजना बनाई गई है.
#WATCH | The Artemis II capsule and its four-member crew safely splash down in the Pacific Ocean after nearly 10 days in space
(Source – NASA TV via Reuters) pic.twitter.com/4jC0OESGxv
— ANI (@ANI) April 11, 2026

