UP News: देशभर में ‘फैशन टीवी’ (FTV) की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का उत्तर प्रदेश पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गोरखपुर की रामगढ़ताल पुलिस ने मुंबई में छापेमारी कर गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक महिला आरोपी अभी फरार है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर आशुतोष राय के नेतृत्व में 01, अप्रैल 2026 को यह कार्रवाई की गई। इससे पहले मामले में सह-अभियुक्त वैभव मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिसकी जमानत कोर्ट खारिज कर चुका है।
जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी काशिफ खान उर्फ काशिफ सरदार हाशिम खान मलिक खुद को ‘Fashion TV India’ का मैनेजिंग डायरेक्टर बताकर व्यापारियों से डील करता था। हालांकि, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के रिकॉर्ड में उसके नाम पर कोई आधिकारिक नियुक्ति दर्ज नहीं है। वह पूरी तरह फर्जी पद का इस्तेमाल कर लोगों को ठग रहा था।
ठगी का पूरा नेटवर्क: ऐसे चलता था खेल
- टारगेट: गिरोह छोटे शहरों (Tier-2 और Tier-3) के व्यापारियों को FTV ब्रांड के बार, कैफे और सैलून देने का लालच देता था।
- ऑपरेशन हेड: फरार महिला आरोपी कृष्णा खुद को ‘ऑपरेशंस हेड’ बताकर पीड़ितों के दस्तावेजों का दुरुपयोग और जाली हस्ताक्षर करती थी।
- कमीशन का खेल: गिरोह का फाइनेंस कंट्रोलर नवीन अहूजा हर डील पर 3% कमीशन लेता था। पैसे छिपाने के लिए ‘Gpay-marketing’, ‘Fashion TV Payroll’ और फेडरल बैंक जैसे खातों का उपयोग किया जाता था।
- फर्जी एग्रीमेंट: जांच में पाया गया कि फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट गलत स्टाम्प पेपर पर बने थे और उन पर पीड़ितों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे।
50 से ज्यादा पीड़ित, GST विभाग का भी शिकंजा
पुलिस के अनुसार, अब तक देशभर में 50 से अधिक पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, लेकिन यह संख्या हजारों में हो सकती है। लखनऊ के गोमतीनगर थाने में भी इस गिरोह के खिलाफ 53 लाख की ठगी का मामला दर्ज है। इसके अलावा, GST विभाग ने भी संबंधित कंपनी पर 7 करोड़ रुपये का जुर्माना और 17 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया है।
जांच अधिकारी पर भी हुई कार्रवाई
इस मामले में पहले तैनात उपनिरीक्षक राम सिंह पर आरोपियों को बचाने और बैंक खाते अनफ्रीज करने के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें हटाकर इंस्पेक्टर आशुतोष राय को जांच सौंपी गई। पुलिस अब फरार महिला आरोपी की तलाश में जुटी है।

