Makar Sankranti 2026: देश के कई हिस्सों में गुरुवार (15 जनवरी) को भी मकर संक्रांति पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। आज उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल का तिल के तेल से अभिषेक हुआ। भस्म आरती में भी तिल चढ़ाया गया और तिल के लड्डुओं का भोग लगा। संक्रांति को लेकर गंगा, यमुना और नर्मदा जैसी प्रमुख नदियों के तटों पर लाखों लोग सुबह से डुबकी लगा चुके हैं।
प्रयागराज माघ मेले में आज मकर संक्रांति का स्नान पर्व है। संगम में सुबह 7 बजे तक 15 लाख श्रद्धालु स्नान चुके हैं। आज करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। वहीं, वाराणसी के गंगा घाट और पश्चिम बंगाल के गंगासागर में स्नान के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी है।
#WATCH | Prayagraj, UP: Devotees are thronging the Triveni Sangam in Prayagraj for the Magh Mela 2026 to take holy dips (snans) for purification.
(Drone visuals from Triveni Sangam) pic.twitter.com/tWM1XjmxS3
— ANI (@ANI) January 15, 2026


पीएम मोदी ने गायों को खिलाया चारा | Makar Sankranti 2026
पंजाब के अमृतसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सचखंड श्री दरबार साहिब में पवित्र स्नान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मकर संक्रांति के अवसर पर अपने आवास पर गायों को चारा खिलाया।
#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi feeds cows at his residence, on the occasion of #MakarSankranti pic.twitter.com/pE2rZyuERl
— ANI (@ANI) January 15, 2026
बंगाल के गंगासागर में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई
VIDEO | Gangasagar, West Bengal: Devotees continue to take the holy dip on the second day of Makar Sankranti celebrations.#MakarSankranti #Gangasagar #WestBengal
(Full VIDEO available on https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/cEmSOkktkx
— Press Trust of India (@PTI_News) January 15, 2026
तमिलनाडु के मदुरै में जल्लीकट्टू कॉम्पिटिशन शुरू | Makar Sankranti 2026
#WATCH | Tamil Nadu | The Jallikattu competition begins in the Madurai district at Avaniyapuram pic.twitter.com/GLsGrwCfN6
— ANI (@ANI) January 15, 2026
उत्तरायण और मकर संक्रांति में क्या अंतर है?
दोनों एक ही माना जाता है, लेकिन दोनों में अंतर है। उत्तरायण का अर्थ है सूर्य का उत्तर की ओर झुकाव शुरू होना। खगोल विज्ञान के मुताबिक, ये 21 या 22 दिसंबर को होता है, जब साल की सबसे लंबी रात होती है और इसके बाद दिन बड़े होने लगते हैं। सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करता है, तब मकर संक्रांति मनाते हैं। पुराने समय में उत्तरायण और मकर संक्रांति तारीख एक ही दिन हुआ करती थी, लेकिन हर 70-72 साल में इस पर्व की तारीख बदलने से तारीखों में इतना अंतर आ गया है।

