यूपी में नाम काटकर डिटेंशन सेंटर भेजने की साजिश, SIR के नाम पर NRC हो रहा: Akhilesh Yadav

यूपी में नाम काटकर डिटेंशन सेंटर भेजने की साजिश, SIR के नाम पर NRC हो रहा: Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav on SIR in UP: लोकसभा में मंगलवार को चुनाव सुधारों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चर्चा हो रही है। इसके लिए 10 घंटे का समय दिया गया है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने उत्‍तर प्रदेश में SIR में जल्दबाजी और बीएलओ की मौत का मुद्दा उठाया।

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने मतदाता सूची में बदलाव पर कहा, “… मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि किसी BLO को कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है। BLO को यह तक नहीं पता है कि कौन सा फॉर्म किसे देना है… हाल ही में हमने देखा है कि दिल्ली के एक वोटर ने 2 जगहों पर वोट डाला था… SIR के नाम पर NRC हो रहा है। यहां सोची समझी साजिश के तहत नाम निकालकर हिरासत केंद्र में भेजे जाने की बात हो रही है…।”

प्रक्रिया में मुसलमानों को बनाया जा रहा है निशाना

अखिलेश यादव ने कहा, “चुनाव आयोग में असली एसआईआर और सुधार की जरूरत है… ये कमियां इतनी क्यों हैं… मुझे समझ नहीं आ रहा कि राज्य सरकार मैपिंग कैसे कर रही है, 5 करोड़ लोगों को फिर से फॉर्म भरना होगा। यह सामान्य नहीं है… रामपुर में एक महिला ने अपने बेटों के लिए फॉर्म भरा है जो राज्य में नहीं हैं, और उन्हें ऐसा करने का अधिकार है। किसी भी बीएलओ को प्रशिक्षित नहीं किया गया है। बीएलओ को यह भी नहीं पता कि कौन सा फॉर्म देना होगा… डीएम रामपुर से नोएडा ट्रांसफर कराना चाहते हैं, इसीलिए उन्होंने नूरजहां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. यूपी के करीब 3 करोड़ मजदूर राज्य से बाहर हैं…इस प्रक्रिया में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है…SIR के बहाने एनआरसी चलाया जा रहा है।”

यूपी में आधार नहीं मान रहे

सपा सुप्रीमो ने कहा, भाजपा वाले कह रहे हैं कि जब ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की बात हो रही है तो एक ही वोटर लिस्ट भी होगी। वोटर लिस्ट बेहतर बननी चाहिए। अब तो यूपी में ‘आधार कार्ड’ को ही नहीं मान रहे हैं। इसका मतलब ये एसआईआर नहीं है। ये अंदर ही अंदर एनआरसी वाला काम कर रहे हैं। हमारे सीएम कह रहे हैं कि हम डिटेंसन सेंटर बना रहे हैं। जो ये खुलकर नहीं कर सकते हैं वो एसआईआर के बहाने कर रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि सबसे बड़े सुधार की जरूरत ये है कि लोकतंत्र में लोगों को फिर से भरोसा हो। चुनाव आयोग निर्भिक हो, सरकार के इशारे पर काम न करें। सबसे बड़ा सुधार यही है कि वो अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें। इलेक्शन रिफॉर्म तब तक निरर्थक है, जब तक आयोग में सुधार नहीं होगा। इलेक्शन कमीशन जितना मजबूत होगा, उतना ही लोकतंत्र मजबूत होगा।

मृतक BLO के परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए

अखिलेश ने कहा, एसआईआर जो यूपी में चल रही है। अभी तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। 9 की सूची मेरे पास है। यूपी में बीएलओ को बहुत कम ट्रेनिंग मिली है। बीएलओ के साथ उनका परिवार लगा हुआ है। महिला फॉर्म नहीं भर सकतीं। परिवार के लोग मिलकर फॉर्म भर रहे हैं। पार्टी की तरफ से दो लाख की मदद की है। एक करोड़ की मदद और सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।

उन्‍होंने कहा, हमारे राजीव राय सदस्य बैठे होंगे। चुनाव घोषित नहीं हुआ, पर सरकार के लोगों ने पहले ही नाम काट दिए। एक लिस्ट दिखाई कि 15 हजार वोट काट दिए। 2022 के चुनाव में मैंने आरोप लगाया था कि चुनाव आयेाग ने जानबूझ कर यूपी के हर विधानसभा को चिन्हित कर वोट काटे गए थे। सपा के वोट कहां ज्यादा हैं, उसे चिन्हित कर काटा गया। इसके सबूत दिए, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए सुधार की ये प्रक्रिया चुनाव आयोग से शुरू होनी चाहिए।

इलेक्टोरल बॉन्ड से हमें कुछ मिला नहीं

सपा मुखिया ने कहा, इलेक्टोरल बॉन्ड की चर्चा इस कारण नहीं करना चाहता हूं कि मुझे तो कुछ मिला ही नहीं। सबसे अधिक सत्ता में बैठे मिले। दूसरा कांग्रेस को मिला है। हमारे मित्र भी नहीं बताते कि कहां से मिला है। इस पर संसद में ठहाके लगे। ऐसे में कहां क्षेत्रीय दल टिकेंगे। चुनाव में खर्चा कैसे कम हो। मैं चुनाव से पहले युवाओं को मोबाइल देने जा रहा था तो भाजपा ने हंगामा कर चुनाव आयोग से रोक लगवाई थी। मीडिया का रोल चुनाव में है, जो कुछ बात हम लोगों को समझ में ही नहीं आते हैं।

उन्‍होंने कहा, कुछ लोग टीवी पर आते हैं तो जाते ही नहीं। आप लोग आते हैं तो चले जाते हैं। चुनाव के समय राजनीतिक दलों को बराबर स्पेस मिलना चाहिए। सरकारी या प्राइवेट हो, बराबर का स्पेस मिलना चाहिए। सोशल मीडिया में इमेज बनाने के लिए पैसा नहीं खर्च किया जा रहा है। दूसरे लोगों की छवि खराब करने के लिए पैसे खर्च किए जा रहे हैं। भाजपा के लोग ऐसे हजारों करोड़ इस पर खर्च करते हैं, कैसे निगेटिव कैंपेन किया जाता है।

जहां भी उप चुनाव में भाजपा जीती है, वहां 2027 में जीत कर दिखा देना

अखिलेश यादव ने कहा, रिफॉर्म की बात आई है। पहला सवाल यही है कि इसका मतलब क्या है। जो मूल रूप में होता है तो फॉर्म कहलाता है। जब मूल रूप खो देता है तो रिफॉर्म की जरूरत पड़ती है। हमारी चुनावी प्रक्रिया खराब कैसे हुई। बाहरी लोगों ने उसे खराब किया या अंदर के लोगों ने खराब किया या स्वार्थ के लिए खराब किया गया, क्योंकि जिस तरीके की शिकायत की गई थी उप-चुनाव में एक भी कार्रवाई नहीं हुई।

उन्‍होंने कहा, फर्रुखाबाद लोकसभा का चुनाव मैंने करीब से देखा। पुलिस ने पूरे दिन लाठी चलाई। लाइट आती थी, जाती थी। वहां रिजल्ट बदला गया। हम आयोग के सामने खड़े रह गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जितने भी उप चुनाव हुए, वहां वोट चोरी नहीं हुई, वहां वोट डकैती हुई। चुनौती दी कि जहां भी उप चुनाव में भाजपा जीती है वहां 2027 में जीत कर दिखा देना। मैं दावे से कह रहा हूं कि एक भी सीट वो नहीं जीतेगी।

अखिलेश ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की

अखिलेश यादव ने कहा, रिफॉर्म की बात कर रहे हैं तो मिल्कीपुर उप चुनाव की बात करना चाहता हूं। मैंने कहा कि यहां चुनाव में धांधली हो रही है। चुनाव में हराया जाएगा। हमने रंगे हाथ पकड़ा। एक आदमी 6 वोट डालकर निकला था। एक मंत्री को पकड़ा। उन्‍होंने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी के सुझाव से सहमत हूं। पहला सुझाव दिया है कि सपा के लोग भी मानते हैं कि इलेक्शन कमीशन के नियुक्ति में जो तरीका हो वो बदला जाए। ये पारदर्शी होना चाहिए। निष्पक्ष होना चाहिए।

सपा अध्‍यक्ष ने कहा, दूसरा सुझाव जो कांग्रेस ने दिया है। बड़े दिनों बाद उन्हें बुद्धि आई है कि चुनाव बैलेट पेपर से होना चाहिए। इसलिए होना चाहिए कि बहुत सवाल ईवीएम पर खड़े हो रहे हैं। दुनिया के लोकतंत्र में ऐसा हो रहा है। भारत और जर्मनी की तुलना कर लें। वो संपन्न देश जो टेक्नोलॉजी में हमसे आगे हैं। वो स्वीकार नहीं कर रहे हैं तो हम क्यों स्वीकार करें। यहां भी बैलेट से चुनाव होना चाहिए। जर्मनी में ईवीएम से वोट डालेंगे तो वो असंवैधानिक माना जाएगा।

सरकार पर वोट चोरी का भी आरोप

बता दें कि यूपी में 15.44 करोड़ मतदाता है। अभी तक 90 प्रतिशत से अधिक एसआईआर के फॉर्म भरे जा चुके हैं। दरअसल, SIR को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। आरोप है कि अधिक दबाव के कारण BLO खुदकुशी कर रहे हैं या उनकी मौत हो रही है। इधर, बिहार चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली NDA की रिकॉर्ड जीत के बाद विपक्ष एक बार फिर सरकार पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *