Digital Arrest in Lucknow: लखनऊ के विकास नगर क्षेत्र में मामा चौराहा स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के मैनेजर की सूझ-बूझ से एक बुजुर्ग महिला ठगी का शिकार होने से बच गई। ठगों ने महिला के परिवार को मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त बताकर डिजिटल अरेस्ट करते हुए खूब धमकाया। इससे डरी हुई महिला एक करोड़ 14 लाख रुपये की सभी एफडी लेकर बैंक पहुंच गई। इन सभी एफडी को तुड़वाकर महिला सारा पैसा ठगों के कहे अनुसार ट्रांसफर करने जा रही थी।
हालांकि, बैंक मैनेजर सवर्ण राठौर, डिप्टी मैनेजर इंद्राणी और अन्य स्टाफ ने बुजुर्ग महिला की हड़बड़ाहट और डर को समझ लिया और उन्हें बैंक में रोक सारी जानकारी हासिल की और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुजुर्ग महिला की एफडी टूटने से बचाने के साथ अन्य खातों को भी फ्रीज कराया, जिससे कोई भी राशि निकाली न जा सके।
समझिए पूरा मामला | Digital Arrest in Lucknow
जानकारी के अनुसार, 74 वर्षीय उषा शुक्ला विकास नगर इलाके के सेक्टर तीन में रहती हैं। उनके पति PWD में बड़े पद पर थे, जिनका करीब 8 साल पहले निधन हो चुका है। बुजुर्ग महिला का बेटा बाहर निजी बैंक में सीए का काम करता है। ऐसे में महिला फिलहाल घर में अकेले रहती हैं। तीन दिन पहले महिला के साथ ठगी की कोशिश हुई। उनको एक अज्ञात नंबर से उनके पति के फोन पर कॉल आई, जिसे वो खुद चलाती थीं। फोन करने वाले ने खुद को एटीएस अधिकारी बताया और कहा कि उनका परिवार आतंकी मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त है और इसके लिए सीबीआई आकर उनको और उनके बेटे को गिरफ्तार करेगी। ठग ने कई घंटों तक पूछताछ भी की। उसने बुजुर्ग महिला को काफी डराया-धमकाया, जिससे वह मामले को लेकर डर गई।
पीएनबी के मंडल प्रमुख राज कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि फोन करने वाले ठग ने महिला से इस मामले से बचने के लिए रुपये की मांग की। उसका कहना था कि पैसा भेजने के बाद मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा। महिला को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया। कॉल के बाद घबराई महिला विकास नगर में पीएनबी की मामा चौराहा ब्रांच पहुंची और अपनी सभी एफडी तोड़कर एक करोड़ 14 लाख रुपये अपने पति के खाते में भेजने को कहा, जिसे वो संचालित कर रही थी।

आरके सिंह ने बताया कि पैसा निकालने के लिए महिला बैंक के काउंटर पर पहुंची। डिप्टी मैनेजर इंद्राणी ने इतनी बड़ी रकम को अचानक ट्रांसफर करने का कारण पूछा, लेकिन घबराई महिला ने कुछ जानकारी नहीं दी। बैंक कर्मी ने इसकी जानकारी मैनेजर सवर्ण राठौर को दी। बैंक मैनेजर और डिप्टी मैनेजर ने इस मामले को लेकर बैंक के अन्य कर्मियों सचिन और अंकिता से बातचीत की। महिला कुछ भी बताने को तैयार नहीं थी।
मैनेजर ने महिला के पीछे भेजा चपरासी | Digital Arrest in Lucknow
PNB मैनेजर सवर्ण राठौर ने बताया कि उन्होंने बुजुर्ग महिला को अपने केबिन में बुलाया। वह काफी डरी हुई थीं। कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं थीं। ऐसे में महिला द्वारा बिना किसी ठोस कारण के इतनी बड़ी रकम अचानक ट्रांसफर करने की बात पर उन्हें संदेह हुआ। ऐसे में उन्होंने खाता संख्या को गलत बताया और कहा कि जिन्हें पैसे भेजना, उनसे सही खाता संख्या मांगिये। महिला फोन करने की बात कहते हुए केबिन से चली गई। बैंक मैनेजर ने तेजी दिखाते हुए चपरासी को पीछे भेजा और निर्देश दिए की देखिए माता जी क्या बात कर रही हैं? इस तरह से पूरा मामला खुल गया। बैंक मैनेजर ने काफी देर महिला की काउंसलिंग की, जिसके बाद महिला ने पूरी सच्चाई बताई।

पीएनबी के मंडल प्रमुख आरके सिंह ने कहा कि मामा चौराहा ब्रांच के मैनेजर, डिप्टी मैनेजर और अन्य स्टाफ की सूझ-बूझ के चलते बुजुर्ग महिला के करोड़ों रुपये ठगी होने से बच गए हैं। ऐसी ही सूझ-बूझ हर बैंक कर्मी को दिखानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास भी ऐसे फर्जी फ्रॉड कॉल आते हैं तो उनके झांसे में आने के बजाए आप समझदारी दिखाएं और फ्रॉड कॉल की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

