सपा सरकार आई तो जातीय जनगणना होगी, 90 दिन में 69 हजार शिक्षक भर्ती पूरी करेंगे: Akhilesh Yadav

सपा सरकार आई तो जातीय जनगणना होगी, 90 दिन में 69 हजार शिक्षक भर्ती पूरी करेंगे: Akhilesh Yadav

UP News: सपा सुप्रीमो और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बुधवार (20 मई) को लखनऊ में पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर मचे बवाल पर कहा कि सत्ता में आने के 90 दिन के अंदर ही भर्ती प्रक्रिया पूरी करेंगे। कैंडिडेट्स की मदद करेंगे। उन्हें न्याय दिलाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार में आते ही जातीय जनगणना करके दिखा देंगे।

दरअसल, 2019 में यूपी बेसिक शिक्षा परिषद ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती की परीक्षा करवाई थी। भर्ती में OBC कैटेगरी में टोटल 18,598 सीटें थीं, लेकिन OBC कैंडिडेट्स को सिर्फ 2,637 सीटें ही दी गईं। आरोप है कि इस भर्ती में बेसिक एजुकेशन रूल 1981 और रिजर्वेशन रूल 1994 का उल्लंघन किया गया है। आरक्षित वर्ग की सीटें दूसरों को दी गई हैं। हाईकोर्ट ने भी प्रक्रिया में आरक्षण लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए थे।

पीडीए वर्ग के साथ घोटाला हुआ

अखिलेश यादव ने कहा कि OBC को 27% की जगह सिर्फ 3.86% ही रिजर्वेशन दिया गया। इसी तरह से SC कैंडिडेट्स को 21% की जगह 16.6% ही आरक्षण मिला। यानी पीडीए वर्ग के साथ 30% (20 हजार) सीटों का घोटाला हुआ। सबसे शर्मनाक बात तो यह है कि एसटी के 1133 पदों को तो खाली ही छोड़ दिया गया।

सरकार पक्षपाती, जो पक्षपाती होता है, वो विश्वासघाती भी

अखिलेश ने पीडीए ऑडिट रिपोर्ट पेश की। इसे उनकी रिसर्च टीम तैयार किया है। सपा प्रमुख ने कहा कि अगर युवाओं को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़े, तो समझ लेना चाहिए कि सरकार पक्षपाती है। जो पक्षपाती होता है, वो विश्वासघाती भी होता है। पक्षपात अन्याय है। हक, अधिकार मारता है। आरक्षण ही संरक्षक है। आरक्षण समानता का उपाय और उपकरण दोनों है।

सपा मुखिया ने कहा कि अगर भाजपा सरकार को बुलडोजर का इस्तेमाल करना ही है तो वो गैर-बराबरी की ऊंची-नीची जमीन को समतल करने के लिए करें। सबको बराबरी का अधिकार दें। अब सवाल यह है कि आरक्षण को नकारने की असली वजह क्या है? उन्होंने कहा- पिछले 5000 साल से समाज में दो बड़े विभाजन हुए। एक तरफ वर्चस्ववादी लोग रहे हैं, दूसरी तरफ वंचित लोग। इनका अनुपात 5% बनाम 95% रहा। बाबा साहब ने इस भेदभाव और दुख को झेला था, इसलिए सदियों पुराने सामाजिक भेद को खत्म करने के लिए संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की, जो 2014 तक सुचारू रूप से चली।

आरक्षण को खत्म करने की साजिश मुखर हो रही

सपा प्रमुख ने कहा, 2014 के बाद जब पक्षपात, छलावे और जुमले वाली सरकार आई, तब जो लोग अंडर ग्राउंड रहते थे, वह ओवर ग्राउंड होने लगे। आरक्षण को खत्म करने की साजिश मुखर होने लगी। बात यह है कि भाजपा वो अंपायर है, जो सदियों से चली रही इस गैर-बराबरी की लड़ाई को जीतना चाहती है।

उन्होंने कहा कि ये रूल्स और फैसलों में भी बेइमानी कर रहे हैं। इनकी कोशिश कोर्ट रूपी थर्ड अंपायर को मैनेज करने की रहती है। भाजपा आरक्षण की उस सीढ़ी को खंडित कर देना चाहती है, जिसके सहारे वंचित ऊपर चढ़ना चाहते हैं। आरक्षण से ही लोकतंत्र को बचाया जा सकता है।

जीत की किसी रणनीति का खुलासा नहीं करूंगा

अखिलेश ने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण के बयान पर कहा- सबसे पहले हमारा काम है कि आबादी के हिसाब से हक और अधिकार मिले। महिला आरक्षण बिल पर भी हमने सरकार से सवाल किए थे, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। वोट लूट के सवाल पर कहा- मैं जीत की किसी रणनीति का खुलासा नहीं करूंगा। वरना, आप बीजेपी को जाकर बता दोगे।

सपा मुखिया ने कहा, मुख्यमंत्री को डॉलर से कोई लेना-देना नहीं है। डॉलर कहीं जाए। उन्हें बस रटा दिया गया है कि 1 ट्रिलियन डालर इकोनॉमी। हमारे देश की अर्थव्यवस्था नीचे जा रही है। अर्थव्यवस्था उस देश की अच्छी होती है, जहां लोग ज्यादा खर्च करते हैं। ये सरकार न कमाने दे रही है, न खर्च करने दे रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेश कोई नहीं जाएगा, अब हम विरोधी लोग हैं तो विरोध तो करेंगे ही।

बीजेपी का ग्राफ पीडीए और समाजवादी पार्टी नीचे ला रही

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लोग 2024 के चुनाव की चर्चा ही नहीं करते। बीजेपी का ग्राफ पीडीए और समाजवादी पार्टी नीचे ला रही है। समाजवादी पार्टी और पीडीए के लोगों का ग्राफ लगातार ऊपर होता जा रहा है। 2019, 2022 और 2024 के चुनाव में सपा का ग्राफ बढ़ा है। भाजपा का लगातार नीचे जा रहा है। हर बूथ पर पांच वोट भी बढ़वा ले जाएंगे तो बीजेपी का पता नहीं चलेगा।

वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवपाल सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था कहां जा रही है। भाजपा के लोग किस तरीके से सुबह-शाम झूठ और केवल झूठ बोलते हैं। पीएम या सीएम, जनता को बेवकूफ बनाने का काम कर रहे हैं।

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