GST Tax Slabs Rate 2025: अब जीएसटी के केवल दो स्लैब 5% और 18%, जानिए क्या होगा सस्ता और क्‍या महंगा?

GST Tax Slabs Rate 2025: अब जीएसटी के केवल दो स्लैब 5% और 18%, जानिए क्या होगा सस्ता और क्‍या महंगा?

GST Tax Slabs Rate 2025: जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के अब चार की जगह सिर्फ दो स्‍लैब 5% और 18% होंगे। जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गहन मंथन के बाद फैसला लिया। तीन सितंबर को उनके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब आम जरूरत की चीजें, जैसे- साबुन, शैंपू, एसी और कार भी सस्‍ती होंगी।

वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि दूध, रोटी, पराठा, छेना सहित कई फूड आइटम GST फ्री होंगे। वहीं, इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर भी टैक्स नहीं लगेगा। 33 जीवन रक्षक दवाएं, दुर्लभ बीमारियों और गंभीर बीमारियों के लिए दवाएं भी टैक्स फ्री होंगी। लग्जरी आइटम्स और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर अब 28% की जगह 40% GST लगेगा। मध्यम और बड़ी कारें, 350cc से ज्यादा इंजन वाली मोटरसाइकिलें इस स्लैब में आएंगे।

नए स्लैब 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि नए स्लैब नवरात्रि के पहले दिन, यानी 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे। हालांकि, तंबाकू वाले सामान पर नई 40% GST दर अभी लागू नहीं होगी। इन बदलावों का मकसद आम आदमी को राहत देना, छोटे व्यवसायों को सपोर्ट करना और हानिकारक उत्पादों जैसे तंबाकू पर टैक्स बढ़ाकर उनके उपयोग को कम करना है।

वहीं, लग्जरी वाहनों, तंबाकू उत्पादों, कैफीनयुक्त पेय पदार्थों और यहां तक कि क्रिकेट मैच के टिकटों पर भी टैक्‍स बढ़ा दिया गया है। यहां नए जीएसटी सुधार के तहत क्‍या सस्‍ता और क्‍या महंगा हुआ है, देखिए पूरी लिस्ट:

फूड आइटम्‍स 

  • वनस्पति वसा/तेल- 12% से 5% में
  • मोम, वनस्पति मोम- 18% से 5% में
  • मांस, मछली, फूड प्रोडक्‍ट्स- 12% से 5% में
  • डेयरी उत्पाद (मक्खन, घी, पनीर, गाढ़ा/पनीर)- 12% से 5% में
  • सोया दूध- 12% से 5% में
  • चीनी, उबली हुई मिठाइयां- 12%-18% से 5% में
  • चॉकलेट और कोको पाउडर- 18% से 5% में
  • पास्ता, कॉर्न फ्लेक्स, नूडल्स, बिस्कुट, माल्ट एक्सट्रेक्ट (गैर-कोको)- 12%-18% से 5% में
  • जैम, जेली, मुरब्बा, मेवे/फलों का पेस्ट, सूखे मेवे, मेवे- 12% से 5% में
  • फलों का रस, नारियल पानी- 12% से 5% में
  • पहले से पैक पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती, रोटी- 5% से शून्य

कंज्‍यूमर और डोमेस्टिक वस्‍तुओं पर जीएसटी

  • हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट, शेविंग उत्पाद, टैल्कम पाउडर- 18% से 5%
  • टॉयलेट साबुन (बार/केक)- 18% से 5%
  • टूथब्रश, डेंटल फ्लॉस- 18% से 5%
  • शेविंग क्रीम/लोशन, आफ्टरशेव- 18% से 5%
  • सामान्य टेबलवेयर/किचनवेयर (लकड़ी, लोहा, तांबा, एल्युमीनियम, प्लास्टिक)- 12% से 5%
  • दूध पिलाने की बोतलें और निप्पल, प्लास्टिक के मोती- 12% से 5%
  • इरेजर- 5% से शून्य
  • मोमबत्तियां- 12% से 5%
  • छाते और संबंध‍ित वस्‍तु- 12% से 5%
  • सिलाई सुइयां- 12% से 5%
  • सिलाई मशीनें और पुर्जे- 12% से 5%
  • कपास/जूट से बने हैंड बैग- 12% से 5%
  • शिशुओं के लिए नैपकिन/डायपर- 12% से 5%
  • पूरी तरह से बांस, बेंत, रतन से बने फर्नीचर- 12% से 5%
  • दूध के डिब्बे (लोहा/स्टील/एल्यूमीनियम)- 12% से 5%
  • पेंसिल, शार्पनर, चॉक- 12% से शून्य
  • मानचित्र, ग्लोब, चार्ट- 12% से शून्य
  • प्रैक्टिस बुक, नोटबुक- 12% 5% से शून्य

इलेक्ट्रॉनिक्स

  • एयर कंडीशनर (AC)- 28% से 18%
  • बर्तन धोने की मशीनें- 28% से 18%
  • टीवी (एलईडी, एलसीडी), मॉनिटर, प्रोजेक्टर- 28% से 18%

GST Tax Slabs Rate 2025: अब जीएसटी के केवल दो स्लैब 5% और 18%, जानिए क्या होगा सस्ता और क्‍या महंगा?

एग्रीकल्‍चर और फर्टिलाइजर

  • ट्रैक्टर (1800cc से अधिक क्षमता वाले सड़क ट्रैक्टरों को छोड़कर)- 12% से 5%
  • पिछले ट्रैक्टर टायर/ट्यूब- 18% से 5%
  • मिट्टी/कटाई/थ्रेसिंग के लिए कृषि मशीनरी- 12% से 5%
  • कम्पोस्टिंग मशीनें- 12% से 5%
  • स्प्रिंकलर/ड्रिप सिंचाई/लॉन/स्पोर्ट्स रोलर्स- 12% से 5%
  • जैव-कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व- 12% से 5%
  • ईंधन के लिए पंप- 28% से 18%
  • ट्रैक्टरों के लिए हाइड्रोलिक पंप- 18% से 5%

हेल्‍थ पर जीएसटी

  • हेल्‍थ और टर्म इंश्‍योरेंस- 18% से शून्य
  • थर्मामीटर, डायग्नोस्टिक किट- 12% 18% से 5%
  • रक्त ग्लूकोज मॉनिटर (ग्लूकोमीटर)- 12% से 5%
  • मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन और हाइड्रोजन पेरोक्साइड- 12% से 5%
  • चश्मा- 12% से 5%
  • मेडिकल/सर्जिकल रबर के दस्ताने- 12% से 5%
  • कई दवाएं और खास दवाएं- 12% से 5% या शून्‍य
  • चयनित दुर्लभ औषधियां- 5% या 12% से शून्य

कार-बाइक पर टैक्‍स

  • टायर- 28% से 18%
  • मोटर वाहन (छोटी कारें, तिपहिया वाहन, एम्बुलेंस, 350cc से छोटी मोटरसाइकिल, कमर्शियल व्‍हीकल)- 28% से 18%
  • मोटरसाइकिलें 350cc से छोटी- 28%  से 40%
  • बड़ी एसयूवी, लक्जरी/प्रीमियम कारें, सीमा से ऊपर की हाइब्रिड कारें, रेसिंग कारें- 28% से 40%
  • रोइंग बोट/डोंगी- 28% से 18%
  • साइकिलें और गैर-मोटर तिपहिया वाहन- 12% से 5%

तंबाकू और पेय पदार्थ

  • सिगार, सिगरेट, तंबाकू उत्पाद- 28% से 40%
  • बीड़ी (पारंपरिक हाथ से बनी)- 28% से 18%
  • कार्बोनेटेड/वातित पेय, स्वादयुक्त पेय, कैफीनयुक्त पेय- 28% से 40%
  • पौधे-आधारित दूध, फलों के गूदे से बने पेय- 18% या 12% से 5%

कपड़े

  • सिंथेटिक धागे, बिना बुने कपड़े, सिलाई धागा, स्टेपल फाइबर- 12% और 18% से 5%
  • परिधान, रेडि‍मेड, ₹2,500 से अधिक नहीं- 12% से 5%
  • परिधान, रेडि‍मेड, ₹2,500 से अधिक- 12% से 18%

कागज पर जीएसटी रेट

  • अभ्यास पुस्तिकाओं, ग्राफ पुस्तकों, प्रयोगशाला नोटबुक के लिए कागज- 12% से शून्य
  • ग्राफि‍क कागज- 12% से 18%
  • कागज के बोरे या बैग, बायोडिग्रेडेबल बैग- 18% से 5%

हस्तशिल्प और कला

  • नक्काशीदार कला उत्पाद (लकड़ी, पत्थर, आधार धातु, कॉर्क)- 12% से 5%
  • हाथ से बने कागज और पेपरबोर्ड- 12% से 5%
  • हस्तशिल्प लैंप- 12% से 5%
  • पेंटिंग, मूर्तियां, पेस्टल, प्राचीन संग्रहणीय वस्तुएं- 12% से 5%

चमड़ा पर टैक्‍स

  • तैयार चमड़ा- 12% से 5%
  • चमड़े के सामान, दस्ताने- 12% से 5%

बिल्डिंग निर्माण वस्‍तुओं पर टैक्‍स

  • टाइलें, ईंटें, पत्थर जड़ाई कार्य- 12% से 5%
  • पोर्टलैंड, स्लैग, हाइड्रोलिक सीमेंट- 28% से 18%

ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा

  • सौर कुकर/वॉटर हीटर, बायोगैस/पवन/अपशिष्ट से ऊर्जा/सौर पैनल- 12% से 5%
  • ईंधन सेल मोटर वाहन- 12% से 5%
  • कोयला, लिग्नाइट, पीट- 5% से 18%

सर्विस सेक्‍टर्स

  • जॉब वर्क, छाता, छपाई, ईंटें, फार्मास्यूटिकल्स, खाल/चमड़ा ITC के साथ- 12% से ITC के साथ 5%
  • ₹7,500 दिन से कम होटल आवास- 12% से 5%
  • सिनेमा (टिकट ₹100 से कम)- 12% से 5%
  • सौंदर्य सर्विस- 18% से 5% (कोई आईटीसी नहीं)
  • कैसीनो/रेस क्लब प्रवेश, सट्टेबाजी/जुआ- 28% से 40%
  • क्रिकेट मैच टिकट (घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय)- 12% से 18%.

ये बदलाव नागरिकों की जिंदगी बेहतर बनाएंगे: PM

PM नरेंद्र मोदी ने ‘X’ पर लिखा- ‘मुझे खुशी है कि GST काउंसिल ने केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसमें GST दरों में कटौती और कई सुधार शामिल हैं।इससे आम जनता, किसान, MSME, मध्यम वर्ग, महिलाएं और युवा सभी को फायदा होगा। ये बड़े बदलाव हमारे नागरिकों की जिंदगी बेहतर बनाएंगे और कारोबार करना आसान करेंगे। खासकर छोटे व्यापारियों और व्यवसायों को मदद मिलेगी।’

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