Delhi Blast: NIA ने माना आतंकी डॉ. उमर को सुसाइड बॉम्बर, रूट रीक्रिएट करने की तैयारी

Delhi Blast: NIA ने माना आतंकी डॉ. उमर को सुसाइड बॉम्बर, रूट रीक्रिएट करने की तैयारी

Delhi Blast Update: दिल्ली में लाल किले के पास चांदनी चौक में 10 नवंबर को हुंडई i20 कार में ब्लास्ट आत्‍मघाती हमला ही था। राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने रविवार को बताया कि कार चला रहा डॉ. उमर उल नबी एक आत्मघाती हमलावर (सुसाइड बॉम्बर) था। एजेंसी ने कार में धमाका करने वाले कश्मीरी फिदायीन डॉ. उमर नबी के सहयोगी साजिशकर्ता आमिर राशिद अली को गिरफ्तार कर लिया है। हमले में इस्तेमाल कार आमिर के ही नाम पर रजिस्टर्ड थी।

NIA ने कहा कि दिल्ली पुलिस से केस की जांच लेने के बाद एजेंसी ने कई छापे मारे, उसी दौरान आमिर को गिरफ्तार किया गया। जांच से पता चला कि जम्मू-कश्मीर में पंपोर के संबूरा निवासी आमिर ने डॉ. उमर के साथ मिलकर आतंकी हमले की साजिश रची थी। विस्फोट करने के लिए वाहन-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के रूप में जिस कार का इस्तेमाल किया गया, आमिर उसे खरीदने में मदद करने दिल्ली आया था।

अब तक 73 लोगों से पूछताछ

फॉरेंसिक जांच से स्पष्ट हो चुका है कि कार फरीदाबाद सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा उमर ही चला रहा था। एजेंसी ने उमर से जुड़ा एक अन्य वाहन भी जब्त किया है। एजेंसी ने अब तक 73 लोगों से पूछताछ की है। एनआईए दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर आतंकी गठजोड़ के सुराग तलाश रही है।

वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि डॉ. उमर नबी पिछले साल से ही आत्मघाती हमलावर की तलाश में था। उमर इस षड्यंत्र को लगातार आगे बढ़ा रहा था। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड से पकड़े गए जसीर ने पूछताछ में यह खुलासा किया। धमाके वाली जगह से बरामद तीन कारतूस 9 मिमी कैलिबर के थे। इनमें एक खाली था। यह ऐसा हथियार है, जो आम नागरिक नहीं रख सकते। इसका इस्तेमाल सिर्फ सुरक्षाबल करते हैं।

कारतूस मिले, पिस्‍तौल नहीं

हालांकि, कारतूस बरामद होने के बावजूद, घटनास्थल पर कोई पिस्तौल या उसका कोई हिस्सा भी नहीं मिला। पता लगाया जा रहा है कि कारतूस घटनास्थल पर कैसे आए? कारतूसों की बरामदगी ने इस मामले में एक नया कोण जोड़ दिया है।

जांच एजेंसियों ने डॉ. उमर, डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन से जुड़े 20 लाख रुपये के मनी ट्रेल का खुलासा भी किया है। सूत्रों ने बताया कि यह रकम हवाला के जरिए जैश-ए-मोहम्मद के एक हैंडलर ने भेजी थी। इसमें से 3 लाख रुपये से 26 क्विंटल एनपीके उर्वरक खरीदा गया, जो कृषि में इस्तेमाल होने वाला नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटेशियम आधारित रासायनिक यौगिक है। इनसे विस्फोटक भी बनाए जा सकते हैं। सूत्रों ने बताया, पैसे के लेन-देन को लेकर उमर और शाहीन में तनाव हो गया था। मुजम्मिल से मिले अहम सुराग से साजिश की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिली है।

हरियाणा की महिला डॉक्टर को पूछताछ के बाद छोड़ा

उधर, सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल मामले में कश्मीर काउंटर इंटेलिजेंस ने अनंतनाग में महिला डॉक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। जीएमसी के पूर्व चिकित्सक डॉ. आदिल अहमद की कॉल डिटेल रिकॉर्ड से उसका नाम सामने आया था। महिला डॉक्टर को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। हालांकि, उसका फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। यह महिला डॉक्टर अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉ. आदिल की जूनियर थी।

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