Lucknow: लखनऊ में कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं और पुलिस की झड़प हो गई। जमकर धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, विधायक आराधना मिश्रा समेत कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। फिलहाल मौके पर गहमागहमी का माहौल है। दरअसल, अजय राय ने सोमवार को मनरेगा और शंकराचार्य मुद्दे को लेकर विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। इस समय विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। इसे देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। मनरेगा और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही है, जिसे देखते हुए कई बड़े नेताओं को नजरबंद किया गया है।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: Congress party lays siege to the assembly in protest against the state government. pic.twitter.com/9jxlvP14bv
— ANI (@ANI) February 17, 2026
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजधानी लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच कर रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि देश में मनरेगा केवल कानून नहीं बल्कि ग्रामीण रोजगार का सबसे बड़ा साधन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह महात्मा गांधी के नाम को समाप्त किया गया, उससे सरकार की मंशा स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में आंदोलन कर रही है और उसी क्रम में आज विधानसभा घेराव का आह्वान किया गया है, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
हमारी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही: अजय राय
वहीं इस प्रदर्शन को लेकर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, आज ये जो बैरिकेडिंग और पुलिस का घेरा खड़ा किया गया है, ये हमारी आवाज दबाने की कोशिश है। लोकतंत्र में डराना-धमकाना और डंडे के जोर पर हुकूमत करना राज नहीं कहलाता। सरकारें प्यार और भरोसे से चलती हैं, न कि बुलडोजर और खौफ से। उन्होंने कहा कि सनातन की गुरु-शिष्य परंपरा और हमारी आस्था को कोई सरकार या अदालत तय नहीं कर सकती, ये तो सदियों से चली आ रही रीत है। युवाओं को न नौकरी मिल रही है, न सही परीक्षा, बस हर जगह डर का माहौल है। लेकिन याद रहे, जब तक गांधीजी का आशीर्वाद और जनता का साथ हमारे साथ है, हम न रुकेंगे और न झुकेंगे। ये लड़ाई हक की है और हम इसे आखिरी दम तक लड़ेंगे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा, हजारों की संख्या में कार्यकर्ता यहां उपस्थित हैं. उनका जोश कह रहा है कि मनरेगा को बदलकर इस सरकार ने मजदूरों के साथ जो अन्याय किया है उसके लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

