लखनऊ में भेड़ों की मौत मामले में CM Yogi ने लिया संज्ञान, जांच के निर्देश; प्रति भेड़ 10 हजार मुआवजे का ऐलान

लखनऊ में भेड़ों की मौत मामले में CM Yogi ने लिया संज्ञान, जांच के निर्देश; प्रति भेड़ 10 हजार मुआवजे का ऐलान

Sheep Death in Lucknow: लखनऊ में दुबग्‍गा थाना क्षेत्र के बसंतकुंज योजना में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास भेड़ों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्‍होंने भेड़ मालिकों को 10 हजार रुपये प्रति मृत भेड़ के हिसाब से मुआवजे देने की घोषणा की है। साथ ही मामले की जांच के भी निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, सोमवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास घैला में बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत और बीमार होने का मामला सामने आया था। भेड़ों के मालिक प्रदीप कुमार और विजय पाल ने घैला चौकी पर इसकी शिकायत दी थी। वहीं, द हेल्पिंग हैंड एनजीओ की अध्यक्ष चारु ने कहा था कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल के उद्घाटन के दिन 25 दिसंबर को बांटे गए लंच बॉक्स का बचा हुआ खाना भेड़ों ने खा लिया। बासी खाना खाने से भेड़ों को फूड पॉइजनिंग हो गई।

पहुंची थी एसडीएम और 30 डॉक्टरों की टीम

घटना की जानकारी पर मौके पर एसडीएम सदर मनोज सिंह सहित पुलिस प्रशासन के आलाधिकारी और 30 डॉक्टरों की टीम पहुंची थी। इलाज के दौरान करीब 70 भेड़ों को रिकवर किया गया। एसडीम सदर मनोज सिन्हा ने बताया था कि 70 भेड़ों की मौके पर मौत हुई है। वहीं, भेड़ पालने वाले प्रदीप कुमार का दावा था कि 170 भेड़ों की मौत हुई है।

जांच के लिए लैब भेजा गया है नमूना

पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सचान ने बताया कि उनको चौकी के द्वारा सूचना मिली कि कुछ भेड़ बीमार हैं और कुछ की मृत्यु हो गई है। इसके बाद टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जो भेड़ मर चुकी थी, उनका पोस्टमॉर्टम किया गया। सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाली घास मिली है, जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया है। उसी से मौत की वजह स्पष्ट होगी।

चरवाहों ने कही ये बात

चरवाहा विजयपाल ने बताया कि वह फतेहपुर के रहने वाले हैं। सोमवार को कुछ खाने के बाद हमारी भेड़ें मारना शुरू हो गई थीं। हमने पुलिस को सूचना दी थी। उसके बाद डॉक्टरों की टीम आई। जांच करके इलाज किया। वहीं, चरवाहा शिव रतन ने कहा कि हम लोग भेड़ चरा रहे थे। भेड़ों ने कोई पदार्थ खा लिया, जिससे सब बीमार होने लगीं। उसके बाद उनकी मौत होने लगी। सूचना देने के बाद डॉक्टर के सहयोग से भेड़ का इलाज हुआ।

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