Chandra Grahan 2026: यूपी में सभी मंदिरों के कपाट बंद, सूतक काल में इन गलतियों से बचें

Chandra Grahan 2026: यूपी में सभी मंदिरों के कपाट बंद, सूतक काल में इन गलतियों से बचें

Chandra Grahan 2026: चंद्रग्रहण की वजह से उत्‍तर प्रदेश में मंगलवार (03 मार्च) को सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। मंदिरों के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। अयोध्या में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में सुबह 8:15 बजे भगवान को भोग लगाया गया। इसके बाद सुबह 9 बजे से मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए।

मथुरा में बांके बिहारी मंदिर समेत मंदिरों के कपाट सुबह 9 बजे बंद किए गए। काशी में दशाश्वमेध घाट पर कराई जाने वाली रोज शाम की आरती सवा घंटे की देरी से होगी। काशी विश्वनाथ धाम के कपाट भी पौने तीन घंटे बंद रहेंगे। आज 3 मार्च को साल का पहला चंद्रग्रहण है। ग्रहण दोपहर 3:21 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे तक रहेगा। ऐसे में भारत में शाम को ग्रहण लगा हुआ चंद्र उदय होगा।

सूतक और ग्रहण के समय रंग-गुलाल खेलना, उत्सव मनाना और पूजा-पाठ करना शुभ नहीं माना जाता। सूतक में ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण के बाद शाम 7:15 बजे मंदिर में प्रवेश कर गर्भगृह की विधिवत साफ-सफाई और श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद संध्या आरती के साथ दर्शन-पूजन शुरू कर दिया जाएगा।

देखिए तस्वीरें

Chandra Grahan 2026: यूपी में सभी मंदिरों के कपाट बंद, सूतक काल में इन गलतियों से बचें

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चंद्रग्रहण से पहले काशी के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए

कानपुर में नागेश्वर शिव मंदिर के कपाट बंद

सूतक से जुड़ी मान्यताएं जानिए

ग्रहण का सूतक शुरू होने के बाद से ग्रहण खत्म होने तक किसी भी तरह की पूजा नहीं की जाती है।

सभी मंदिर भी सूतक काल में बंद रहते हैं। घर में भी मंगलवार को पूजा-पाठ न करें, लेकिन मंत्र जाप किए जा सकते हैं।

सूतक सुबह सूर्योदय से पहले ही शुरू हो जाएगा। इसलिए इस दिन सूर्य को अर्घ्य भी न दें।

तुलसी को जल चढ़ाना चाहते हैं तो सूतक शुरू होने से पहले ही चढ़ाएं। दिन में तुलसी, पीपल जैसे पूजनीय पेड़-पौधों में जल न चढ़ाएं।

शाम को ग्रहण खत्म होने के बाद करें शुद्धिकरण

चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। ग्रहण दोपहर 3.21 बजे से शुरू होगा, इसलिए इसका सूतक सुबह 6.21 बजे से है। शाम को 6.47 बजे ग्रहण और सूतक खत्म होंगे। ग्रहण खत्म होने के बाद घरों और मंदिरों में शुद्धिकरण किया जाता है। भक्त पहले खुद स्नान करते हैं और फिर देवी-देवताओं को भी स्नान कराते हैं। इसके बाद विधिवत पूजा-पाठ की जाती है।

सूतक के समय क्‍या करें और क्‍या नहीं?

ग्रहण और सूतक के समय में पूजा-पाठ, उत्सव मनाना, विवाह, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं, लेकिन इस दौरान मंत्र जप, दान-पुण्य खासतौर पर करना चाहिए। जरूरतमंद लोगों को अनाज, जूते-चप्पल, खाना, धन, कपड़े आदि चीजों का दान कर सकते हैं। किसी गोशाला में गायों की देखभाल के लिए धन का दान करें। गायों को हरी घास खिलाएं। किसी नदी-तालाब में मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं। कहीं खुली जगह में चींटियों के लिए आटा-शकर डाल सकते हैं।

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