LPG News: देश में एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर आम जनता तक सही, स्पष्ट और तथ्यात्मक जानकारी नियमित रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. मंत्रालय ने कहा है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों पर गैस की कमी और कीमतों को लेकर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं. इन अफवाहों की वजह से लोगों में अनावश्यक डर और असमंजस की स्थिति बन रही है, जिसके चलते कई जगहों पर पैनिक बाइंग और जमाखोरी जैसी समस्याएं सामने आई हैं. इससे वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ रहा है.
केवल 17 राज्य कर रहे हैं नियमित ब्रीफिंग
केंद्र सरकार के मुताबिक फिलहाल सिर्फ 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ही नियमित या जरूरत आधारित प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और केरल जैसे बड़े राज्य शामिल हैं. बाकी राज्यों से भी इसी तरह सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई है. मंत्रालय ने सभी राज्यों से अपेक्षा की है कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर रोजाना प्रेस ब्रीफिंग करें और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए समय पर सही जानकारी साझा करें. इसका उद्देश्य लोगों को यह भरोसा दिलाना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और इसकी आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू बनी हुई है.
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
केंद्र सरकार ने राज्यों से कालाबाजारी, जमाखोरी और अन्य अनुचित गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने को भी कहा है. मंत्रालय का स्पष्ट कहना है कि अफवाहों पर प्रभावी रोक लगाने और पारदर्शी संवाद बनाए रखने से ही ऐसी स्थितियों से निपटना संभव है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों से व्यक्तिगत हस्तक्षेप और सक्रिय सहयोग की अपील की है, ताकि आम जनता में विश्वास बना रहे और किसी भी तरह की अनावश्यक अफरातफरी की स्थिति पैदा न हो. केंद्र ने दोहराया है कि एलपीजी समेत सभी आवश्यक पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं.

