Bihar Politics: केवल 105 दिन पहले 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का सत्ता छोड़ना राज्य में पीढ़ीगत बदलाव का अंतिम चरण है। उनके इस फैसले ने न केवल जदयू के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि NDA की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के लिए बिहार की राजनीति के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।
नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके खुद यह जानकारी दी है। नीतीश के राज्यसभा जाने का मतलब है राज्य की सत्ता में बहुत कुछ बदलने जा रहा है। राज्य में नई सरकार बनेगी। महज 105 दिन पहले 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश 9वीं बार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे।
विधानसभा में एनडीए उम्मीदवारों ने किया नामांकन
बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर दिया है। सीएम नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री विजेंद्र यादव, विजय चौधरी समेत भाजपा-जदयू के कई वरिष्ठ नेता नामांकन कार्यक्रम में शमिल हुए। कुछ देर बाद सभी नेता विधानसभा से निकल गए। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह भाजपा के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करने के लिए स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे चुके हैं।
राज्य सभा के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। pic.twitter.com/R9mDOHUfYr
— Nitish Kumar (@NitishKumar) March 5, 2026
कांग्रेस बोली– भाजपा का षड्यंत्र अब बेनकाब हो गया है
बिहार प्रदेश कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि बिहार में जनमत की हत्या की जा रही है और भाजपा का षड्यंत्र अब बेनकाब हो गया है। नीतीश कुमार के नाम पर वोट लेकर उन्हें पद से हटाकर खुद सत्ता पर पूरा कब्जा करने की योजना भाजपा कई महीनों से बना रही थी, जिसकी आशंका कांग्रेस पहले ही जता चुकी थी।
कांग्रेस के अनुसार, आज सामने आ रही खबरें उसी कथित षड्यंत्र का परिणाम हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा के साथ जदयू के कुछ नेता भी शामिल हैं और इसी योजना के तहत नीतीश कुमार के स्वास्थ्य के साथ भी लगातार खिलवाड़ किया गया। कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला नीतीश कुमार का नहीं हो सकता और इसे बिहार के करोड़ों मतदाताओं द्वारा दिए गए जनादेश के साथ विश्वासघात बताया।
के.सी त्यागी ने क्या कहा?
जदयू के वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी ने राज्यसभा प्रकरण पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नीतीश युग का कभी अंत नहीं हो सकता। उन्होंने एक नए बिहार का निर्माण किया है। जैसे कर्पूरी ठाकुर और चौधरी चरण सिंह आज भी याद किए जाते हैं, वैसे ही युग-युग तक नीतीश कुमार भी याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे सदन की गरिमा भी बढ़ेगी और बहस का स्तर ऊंचा होगा। उनकी ख्याति और उत्कृष्ट बौद्धिक क्षमता के कारण उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार भी मिल चुका है।
गृह मंत्री अमित शाह ने क्या कहा?
सीएम नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नीतीश कुमार का कार्यकाल स्वर्णिम रहा। बिहार की जनता ही नहीं पूरे देश को उनका कार्यकाल याद रहेगा। हमलोग नई पारी की शुभकामना देते हैं।
गिरिराज सिंह और उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि राज्यसभा जाना नीतीश कुमार का अपना फैसला है। बिहार में जो भी सरकार बनेगी, वह उनके ही नेतृत्व में बनेगी। आरएलएम प्रमुख और एनडीए के राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एनडीए के उम्मीदवार के रूप में आज पांच उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। सभी उम्मीदवारों की जीत तय है। नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं, यह उनका फैसला है और हर कोई उनके इस निर्णय की सराहना करता है।
चिराग पासवान ने कहा- नीतीश कुमार का साहसिक और दूरदर्शी निर्णय है
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने किया X पर लिखा- मुख्यमंत्री जी ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और लगभग दो दशकों तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में रहते हुए राज्य में अनेक विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारा। उनके नेतृत्व में बिहार ने विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में नई पहचान बनाई।
चाहे महिलाओं के सशक्तिकरण की बात हो, अति पिछड़ों के सम्मान की बात हो या युवाओं के विकास की, मुख्यमंत्री जी ने हर क्षेत्र में विकास को एक नई दिशा और आयाम दिया।
अब नीतीश कुमार जी ने राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व करने का फैसला लिया है, जो एक साहसिक और दूरदर्शी निर्णय है। उनके अनुभव, नेतृत्व और दूरदृष्टि का लाभ अब देश के उच्च सदन को भी मिलेगा। मैं उन्हें अपने और अपनी पार्टी की ओर से उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देता हूं।
अमित शाह और ललन सिंह दिल्ली रवाना
भाजपा नेताओं के साथ स्टेट गेस्ट हाउस में बैठक कर गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली रवाना हो गए। उनके साथ केंद्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह भी दिल्ली गए। दोनों नेताओं के एक साथ दिल्ली जाने पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

