UP News: मशहूर रैपर बादशाह का हरियाणा के बाद उत्तर प्रदेश में भी विरोध शुरू हो गया है। महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने यूपी में बादशाह के स्टेज शो पर रोक लगाने की मांग की है।
अपर्णा ने पत्र में लिखा- बादशाह के नए गाने टटीरी में महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है। आपत्तिजनक दृश्य दिखाए गए हैं। स्कूल जैसे पवित्र स्थान को भी अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया है। इससे महिलाओं की गरिमा का घोर अपमान हुआ है। गाने में स्कूल यूनिफॉर्म पहने छात्राओं को अनुचित तरीके से दिखाया गया है। इससे महिलाओं की गरिमा और सामाजिक मूल्यों को ठेस पहुंचती है।

लुकआउट सर्कुलर जारी करने की मांग
इस मामले में FIR दर्ज किए जाने और लुकआउट सर्कुलर जारी होने की भी जानकारी मिली है। मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि सिंगर बादशाह के किसी भी प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति रद्द की जाए।
सॉन्ग को लेकर विवाद क्यों?
महिलाओं का अपमान: गाने में अश्लील शब्दों के प्रयोग पर गंभीर आपत्ति जताई गई है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने इसे असभ्य और महिलाओं को ‘ऑब्जेक्टिफाई’ करने वाला बताया।
बिना अनुमति फिल्मांकन: गाने में जींद रोडवेज की बस और नरवाना के सच्चा खेड़ा गांव के सरकारी स्कूल का सीन दिखाया गया है। विभाग का आरोप है कि इसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी।
गलत संदेश: वीडियो में स्कूल ड्रेस पहनी लड़कियां स्कूल बैग फेंकती नजर आ रही हैं और बस के ऊपर छात्राओं को खड़ा कर गाने के लिरिक्स जोड़े गए हैं, जिसके बाद कई सामाजिक संगठनों ने समाज में गलत संदेश जाने का आरोप लगाया।
20 मार्च को पीलीभीत में होना है शो
पीलीभीत में 20 मार्च को “Badshah Magic World” नाम से 2 घंटे का नॉन-स्टॉप लाइव जादू शो/कंसर्ट होना है। इस शो में माइंड रीडिंग, टेलीपैथी, और लाइव डायनासोर जैसे डिजिटल मैजिक के साथ फैमिली एंटरटेनमेंट का वादा किया गया है। अपर्णा यादव के मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के बाद अब इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
हरियाणा महिला आयोग ने भी किया तलब
विवाद के बीच हरियाणा महिला आयोग ने बीते शुक्रवार को बादशाह को नोटिस जारी किया था। उन्हें 13 मार्च को पानीपत में पेश होने को कहा गया है। इसके अलावा, पंचकूला और जींद में सिंगर के खिलाफ अलग-अलग 3 केस भी दर्ज किए गए। खाप पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं ने भी इस गाने को हरियाणवी संस्कृति के खिलाफ बताते हुए इसे प्रतिबंधित करने की मांग की थी।

