Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को बड़ा संकेत दिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, 403 पर है।” उनके इस बयान को सपा के तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, सपा की ओर से पहले तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने की चर्चा थी। पार्टी के दो उम्मीदवार पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े धनराज परिमल नाथवाणी ने लखनऊ में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन किया है।
आज नामांकन की अंतिम तारीख
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होना है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्तूबर है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। भाजपा ने राज्यसभा की आठ सीटों के लिए धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाया है।
अब नजर 2027 के विधानसभा चुनाव पर
अखिलेश यादव के 403 सीटों वाले बयान को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं और 2027 में विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में सपा के तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार के बजाय विधानसभा चुनाव पर फोकस करने का संकेत पार्टी की आगे की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अगर सपा तीसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारती है तो उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है। मौजूदा समीकरणों में भाजपा के आठ और सपा के दो उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना बनती है।
