Agni Prime Missile Launch Update: रेल पर बने मोबाइल लॉन्चर सिस्टम के जरिए भारत ने गुरुवार को अग्नि-प्राइम मिसाइल की टेस्टिंग की। यह कैनिस्टराइज्ड लॉन्चिंग सिस्टम से लॉन्च की गई। इसके लिए ट्रेन को विशेष रूप से डिजाइन किया गया। यह ट्रेन देश के हर उस कोने तक जा सकती है, जहां रेल लाइन मौजूद है।
केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी जानकारी दी। अग्नि प्राइम मिसाइल 2000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता के लिए डिजाइन की गई है, जो एडवांस्ड फीचर से लैस है। उन्होंने लिखा- ‘स्पेशल रूप से डिजाइन किया गया रेल बेस्ड मोबाइल लॉन्चर अपनी तरह का पहला सिस्टम है, जो हर तरह के रेल नेटवर्क पर चल सकता है। इसके जरिए सेना मिसाइल को रात के अंधेरे और धुंध भरे इलाके से भी कम समय में लॉन्च कर सकती है।’
अब भारत के पास भी कैनिस्टराइज्ड लॉन्चिंग सिस्टम
इस टेस्ट ने भारत को उन चुनिंदा देशों के ग्रुप में शामिल कर दिया है, जिनके पास चलते-फिरते रेल नेटवर्क से मिसाइल लॉन्च करने वाला कैनिस्टराइज्ड लॉन्चिंग सिस्टम है। भारत से पहले रूस, चीन और नॉर्थ कोरिया मोबाइल रेल लॉन्चर का टेस्ट कर चुके हैं। लिस्ट में अमेरिका का नाम भी शामिल है, लेकिन इसकी पुष्टि अमेरिकी सरकार ने कभी नहीं की। अग्नि प्राइम मिसाइल भारत की स्ट्रेटेजिक फोर्सेस कमांड (SFC) के लिए बनी है, जिसका टेस्ट 25 सितंबर को ओडिशा के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया।
क्या होता है कैनिस्टराइज्ड लॉन्च सिस्टम? | Agni Prime Missile Launch Update
यह मिसाइल लॉन्च करने की एक मॉडर्न तकनीक है। इसमें मिसाइल को एक मजबूत कैनिस्टर (बड़े धातु के कंटेनर) में रखा जाता है। यह कैनिस्टर मिसाइल को सुरक्षित रखता है और आसानी से इधर-उधर ले जाने और लॉन्च के लिए तैयार रखता है। कैनिस्टर से मिसाइल को बिना लंबी तैयारी के सीधे दागा जा सकता है।
India has carried out the successful launch of Intermediate Range Agni-Prime Missile from a Rail based Mobile launcher system. This next generation missile is designed to cover a range up to 2000 km and is equipped with various advanced features.
The first-of-its-kind launch… pic.twitter.com/00GpGSNOeE
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) September 25, 2025
यह मिसाइल नमी, धूल, मौसम और बाकी विपरीत हालात में सुरक्षित रहती है। ट्रक, रेल या मोबाइल लॉन्चर पर कैनिस्टर रखकर मिसाइल को कहीं भी ले जाया जा सकता है। दुश्मन को यह पहचानना मुश्किल होता है कि कौन सा कैनिस्टर मिसाइल लिए हुए है और कौन नहीं। कैनिस्टर में पैक रहने से मिसाइल को बार-बार मेंटेनेन्स की जरूरत नहीं पड़ती।
अग्नि प्राइम मिसाइल के बारे में
भारत ने जून, 2021 में अग्नि सीरीज की आधुनिक मिसाइल का अग्नि प्राइम का परीक्षण किया था। अग्नि प्राइम की रेंज 2000 किमी है। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की मिसाइल वजन में हलकी है और इसे मोबाइल लॉन्चर से भी फायर किया जा सकता है।
अग्नि प्राइम मिसाइल दो स्टेज प्रोपेल्शन सिस्टम से चलती है और सॉलिड फ्यूल पर आधारित है। इसका गाइडेंस सिस्टम इलेक्ट्रोमैकेनिकल एक्ट्यूएटर्स से लैस हैं। अग्नि प्राइम को 4 हजार किमी रेंज वाली अग्नि-4 और 5 हजार किमी रेंज वाली अग्नि-5 की टेक्नोलॉजी के साथ तैयार किया गया है।
अग्नि मिसाइल का पहला परीक्षण 1989 में हुआ | Agni Prime Missile Launch Update
भारत ने सन् 1989 में अग्नि मिसाइल का परीक्षण किया था। उस मिसाइल की मारक क्षमता 700 से 900 किमी तक थी। इसे 2004 में सेना में शामिल किया गया था। अब तक भारत अग्नि सीरीज की 5 मिसाइल लॉन्च कर चुका है।

