लखनऊ निवासी सान्वी मिश्रा आज उन प्रेरणादायक महिलाओं में गिनी जाती हैं, जो अपने ज्ञान, व्यक्तित्व और आधुनिक सोच के दम पर समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। पेशे से शिक्षक सान्वी अपने ज्ञान के माध्यम से बच्चों को शिक्षित करने का काम करती हैं और शिक्षा को ही जीवन का सबसे बड़ा हथियार मानती हैं।

सान्वी मौजूदा समय की हाईटेक और आत्मनिर्भर महिला के रूप में भी अपनी पहचान रखती हैं। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता युवाओं और महिलाओं के बीच उन्हें अलग पहचान दिलाती है। इंस्टाग्राम पर नियमित रूप से रील बनाना, लोगों को जागरूक करना और अपने दोस्तों की मदद करना उनका स्वभाव बन चुका है। उनकी डिजिटल उपस्थिति उन्हें नई पीढ़ी से जोड़ती है और वे इसी माध्यम से सकारात्मक संदेश भी देती रहती हैं।
सान्वी मिश्रा का कहना है कि “विषम परिस्थितियों में भी अगर आप खुश रहते हैं और अपना पेशेंस नहीं खोते हैं तो यह आपके लिए सबसे बड़ी ताकत होती है।” उनका मानना है कि हर व्यक्ति के जीवन में चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन मजबूत हौसला और सकारात्मक दृष्टिकोण ही इंसान को आगे बढ़ाता है।

सान्वी का सबसे बड़ा विश्वास महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक मजबूती पर है। वे कहती हैं कि एक महिला के लिए सबसे जरूरी है कि वह शिक्षित हो और आर्थिक रूप से सक्षम बने। अगर महिला आर्थिक तौर पर मजबूत रहती है तो वह न सिर्फ समाज के भले के लिए काम कर सकती है बल्कि अपने परिवार के लिए भी सहारा बन सकती है।
सामाजिक जीवन में भी सान्वी की सक्रियता उल्लेखनीय है। जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, महिलाओं की जागरूकता और समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में वे लगातार प्रयासरत रहती हैं। उनका विनम्र स्वभाव, सामाजिक जिम्मेदारी और आगे बढ़ने की इच्छा उन्हें समाज की प्रगतिशील महिलाओं की सूची में शामिल करता है।

उन्होंने बताया कि उनका बड़ा सपना आगे चलकर बच्चों के लिए स्कूल खोलना है, जहां हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। साथ ही वे एक एनजीओ की स्थापना कर शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में भी काम करना चाहती हैं।
सान्वी मिश्रा का ये सफ़र आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है—जहां शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच एक मजबूत समाज की नींव बन सकते हैं।


