US India Tariff: अमेरिकी सीनेट ने रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए एक ऐसा बिल पास किया है, जिसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ सकता है। सीनेट ने रूस पर नए प्रतिबंध विधेयक को मंजूरी दी है। इस बिल के पक्ष में 86 और विरोध में 12 वोट डाले गए। अगर अमेरिका ने यह कानून बना दिया तो भारत, चीन, स्लोवाकिया अजरबैजान और हंगरी जैसे देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगना लगभग तय हो जाएगा। हालांकि अंतिम फैसला अमेरिकी सरकार के हाथों में ही होगा।
डोनाल्ड ट्रंप की सरकार यह बिल रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच मॉस्को पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए लेकर आई है। ट्रंप उन देशों को टारगेट करना चाहते हैं जो कि रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदते हैं। वे चाहते हैं कि कोई भी रूस से तेल और गैस न खरीदे।
भारत के लिए क्यों है टेंशन की बात
भारत के लिए यह बिल इसलिए ज्यादा अहम हो जाता है, क्यों कि उसने बीते महीनों में रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ा दिया है। अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से खाड़ी देशों से तेल और गैस लाने में काफी दिक्कत हो रही है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में लगातार तनाव बना हुआ है। इसी वजह से भारत ने रूस की ओर रुख किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सांसद रिचर्ड ब्लूमेंथल ने पहले कहा था कि जिन देशों की रूसी गैस खरीद रूस के कुल गैस निर्यात के 15 प्रतिशत से कम होगी, उन्हें कुछ राहत दी जा सकती है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम होना अभी बाकी है।
