Kiara Advani: कियारा आडवाणी इन दिनों अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर चर्चा में हैं। यश स्टारर इस फिल्म का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। पहले ये फिल्म 19 मार्च को बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर 2’ से टकराने वाली थी, लेकिन आखिरी मौके पर मेकर्स ने रिलीज डेट आगे बढ़ा दी और जून में फिल्म को रिलीज करने का फैसला लिया। फिल्म की रिलीज के इंतजार के बीच अब कियारा आडवाणी ने ‘टॉक्सिक’ में काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात की और बताया कि सेट पर निर्देशक गीतू मोहनदास ने कैसे उन्हें किसी से भी ‘हाय-हैलो’ करने से मना किया था। एक इंटरव्यू में कियारा ने बताया कि गीतू मोहनदास चाहती थीं कि वह शूटिंग के दौरान सेट पर किसी को भी ग्रीट न करें, जिसके चलते एक्ट्रेस को अपनी आदत बदलनी पड़ी।
कियारा कहती हैं, “गीतु ने कहा, ‘ठीक है, कल जब तुम सेट पर आओगी, तो मैं चाहती हूं कि तुम अपने किरदार में ही रहो। मैं आमतौर पर जैसे ही सेट पर पहुंचती हूं तो लोगों को हाय-हैलो या गुड मॉर्निंग कहती हूं। मैं ऐसी ही इंसान हूं। लेकिन, गीतू ने मुझसे साफ शब्दों में कहा कि सेट पर कोई फॉर्मेलिटी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा- मैं चाहती हूं कि कल से जब सेट पर आओ तो अपने कैरेक्टर जोन में ही रहो और किसी से हाय-हैलो न करो। मैं चाहती हूं कि तुम बस अपने किरदार में डूब जाओ और किसी को ग्रीट न करो, अपनी टीम को भी नहीं। किसी को नहीं, बस पूरी तरह अपने किरदार में रहो।”
कियारा आडवाणी के लिए चैलेंजिंग रही ‘टॉक्सिक‘
कियारा ने बताया कि ‘टॉक्सिक’ उनके लिए अब तक के सबसे चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट्स में से एक रही है। कियारा बताती हैं कि क्योंकि उन्हें अंग्रेजी के अलावा कन्नड़ में भी सीन करने थे और कन्नड़ उनकी मातृभाषा नहीं है, इसलिए डायलॉग अच्छे से बोलने के लिए उन्हें और अधिक तैयारी करनी पड़ी। उन्होंने कहा, “मेरे लिए कन्नड़ में काम करना, काफी चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि यह पहली बार था जब मैंने अंग्रेजी और कन्नड़ दोनों भाषाओं में शूटिंग की। एक ही सीन को कई बार शूट करते थे। पहले एक शॉट अंग्रेजी में, फिर हम कन्नड़ टेक करते थे। मगर कम से कम मेरे जैसे व्यक्ति के लिए, कन्नड़ मेरी भाषा नहीं है, इसलिए मुझे अपने डायलॉग ठीक एक रात पहले ही रटने पड़ते हैं।”

