UP Politics: उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के 8 प्रत्याशियों ने मंगलवार (06 अक्टूबर) को नामांकन दाखिल कर दिया। बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका रावत, श्रुति गंगवार और गोपीकृष्ण पांडेय ने सीएम योगी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। सबसे पहले धर्मपाल सिंह और सबसे आखिर में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार ने पर्चा दाखिल किया। इस दौरान भीड़ इतनी थी कि आपाधापी में विधानसभा के समिति कक्ष के दरवाजे के शीशे टूट गए।
नामांकन के बाद एक भाजपा कार्यकर्ता की विधानसभा के सुरक्षाकर्मी से बहस हो गई। देखते ही देखते धक्का-मुक्की और गाली-गलौज होने लगी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया। इसका वीडियो भी सामने आया है।
सपा के दो प्रत्याशी पहले ही दाखिल कर चुके नामांकन
सपा के राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। मंगलवार को अखिलेश यादव ने तीसरा उम्मीदवार उतारने से इनकार कर दिया। ऐसे में राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।
बता दें कि यूपी में राज्यसभा की 31 सीटें हैं। इनमें 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव होना है।
भाजपा के आठों राज्यसभा कैंडिडेट नए, इनमें 2 ब्राह्मण
यूपी भाजपा के सभी प्रत्याशी नए हैं। इनमें 2 ब्राह्मण, 1 ठाकुर, 3 पिछड़े और 2 दलित हैं। पिछड़े वर्ग में एक लोधी, एक कुर्मी और एक पाल समाज से हैं। वहीं, दलित वर्ग में एक खटीक और एक पासी समाज से हैं। पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल बीएल वर्मा और हरदीप सिंह पुरी का टिकट काट दिया। दिनेश शर्मा अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल बनाए गए हैं। मौजूदा राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी, बृजलाल, गीता शाक्य, अरुण सिंह को भी दोबारा मौका नहीं मिला।
