UP Politics: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक बार फिर बीजेपी पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की साजिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी SIR या SSR के विरोध में नहीं है, बल्कि इसमें कथित साजिश और गड़बड़ी के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि वोटर लिस्ट का एक ही रिवीजन होना चाहिए। बार-बार रिवीजन नहीं होना चाहिए। नाम जोड़ने या काटने की प्रक्रिया इसी दौरान पूरी कर ली जाए।
शुक्रवार को पार्टी कार्यालय पर पूर्व सीएम ने प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान भाजपा के पूर्व सांसद राजपाल और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हरबीर मलिक ने पार्टी जॉइन की। अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा के आधार वोटर उससे दूर हो रहे हैं। सनातनी, महिलाएं, मध्यम वर्ग और युवा भी उससे नाराज हैं। इसी वजह से अब चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोटर लिस्ट में साजिश की जा रही है। बताया कि समाजवादी पार्टी ने 100 विधानसभा क्षेत्रों का डेटा चुनाव आयोग को दिया है, जिसमें गड़बड़ियां भाजपा ने की या कराई है।
एक युवक के कई जगह वोट बनने का दावा
अखिलेश यादव ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने 100 विधानसभा क्षेत्रों का डेटा चुनाव आयोग को सौंपा है। उन्होंने एक ऐसे युवक का जिक्र किया, जो पहली बार वोट डालने वाला है, लेकिन उसके नाम कई जगह दर्ज होने का दावा किया गया है। कहा कि युवक पढ़ने वाला और ईमानदार है। वह एक ही जगह वोट डालेगा, लेकिन बाकी जगह उसके नाम पर दूसरे लोग वोट डाल सकते हैं। उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग से जवाब मांगा और भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि SIR के दौरान 20 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की जान जाने का मुद्दा भी सामने आया था। अखिलेश ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के सबूत सामने आने पर उन्हें छोटी-मोटी गलती बताकर टालने की कोशिश की जाती है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
17 और 24 को बूथों पर रहे कार्यकर्ता
अखिलेश ने पार्टी कार्यकर्ताओं से 17 और 24 अक्टूबर को बूथों पर चलने वाले अभियान के दौरान मतदाताओं के नाम जुड़वाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और काटने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
SSR के बाद दूसरा रिवीजन नहीं होना
सपा प्रमुख ने मांग की कि SSR के बाद दूसरा रिवीजन नहीं होना चाहिए। आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से सवाल पूछने पर भाजपा जवाब देने लगती है। उन्होंने TCS जैसी कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
SIR और SSR के बारे में…
- SIR (Special Intensive Revision): विशेष गहन पुनरीक्षण। मतदाता सूची का गहन सत्यापन और पुनरीक्षण किया जाता है।
- SSR (Special Summary Revision): विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण। मौजूदा मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है।
- SIR में: मतदाताओं के विवरण का गहन सत्यापन और पात्रता की जांच की जाती है।
- SSR में: नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियां सुधारने और अपात्र या मृत मतदाताओं से संबंधित विवरण अपडेट करने की प्रक्रिया होती है।
- फॉर्म-6: पात्र नए मतदाता मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए भरते हैं।
भाजपा के वोटर उससे दूर हो रहे
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के कई वर्गों के मतदाता उससे नाराज हैं। उनके मुताबिक, चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी के आरोपों से सनातनी मतदाता दुखी हैं। महिलाओं में भी नाराजगी है। उन्होंने लखनऊ में आग की घटना के बाद एक मां के अपमान का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि महंगाई और भ्रष्टाचार से मध्यम वर्ग परेशान है। NEET जैसी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से युवाओं में नाराजगी है। अखिलेश ने दावा किया कि Gen-Z और Gen-Alpha के साथ ही सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी भाजपा से दूर हो रहे हैं। भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की बात करती है, लेकिन उसकी मंशा ‘वन करप्शन, वन इलेक्शन’ जैसी है।
पंचायत चुनाव के लिए भी तैयार
पंचायत चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि वह हर चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानों पर खर्च का बोझ बढ़ गया है और पंचायत प्रतिनिधियों की स्थिति कमजोर हुई है।
उन्होंने कुंदरकी और मीरापुर उपचुनावों में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके बाद चुनाव आयोग ने CCTV फुटेज देने से जुड़े नियम बदल दिए। अखिलेश ने नंदलाल निषाद की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का भी दावा किया।
भाजपा के पूर्व सांसद राजपाल सैनी सपा में आए
अखिलेश यादव ने भाजपा नेता और पूर्व सांसद राजपाल सैनी, बीजेपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हरबीर मलिक समेत पार्टी में शामिल हुए नेताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आपस में प्रेम, दया और अपनापन बढ़ाने से PDA परिवार मजबूत होगा। कश्यप, दलित और अन्य समाजों के लोग बड़ी संख्या में सपा से जुड़े हैं। इससे पार्टी की ताकत और जनसमर्थन बढ़ेगा।
अखिलेश ने कहा, “अभी तो ये शुरुआत है। अभी विधायकों का स्वागत नहीं हुआ है। वो भी बड़ी संख्या में हैं। ऐसे भी कई दल हैं, जो मोलभाव कर रहे हैं। जब वो हिसाब-किताब लगा लेंगे, तो हम उनकी तरफ भी देखेंगे।”
शिवपाल सिंह ने भी साधा निशाना
सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सपा का कारवां तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के कई प्रभावशाली लोग अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में किसान, गरीब और नौजवान समेत प्रदेश की जनता सपा की सरकार बनाने का काम करेगी।
