लखनऊ की गोमती नदी में बाढ़ से 40 हजार घरों में भरा 4-5 फीट पानी, घर छोड़ रहे लोग

लखनऊ की गोमती नदी में बाढ़ से 40 हजार घरों में भरा 4-5 फीट पानी, घर छोड़ रहे लोग

UP News: उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बाढ़ के हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। शहर में गोमती नदी का पानी 7वें दिन भी तेजी से बढ़ रहा है। फैजुल्लागंज सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में है। यहां करीब 40 हजार घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भर गया है। करीब 3 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। हर दिन 2 हजार से ज्यादा लोग घर छोड़कर दूसरे मोहल्लों या रिश्तेदारों के यहां जा रहे हैं।

कृष्ण लोक कॉलोनी से लेकर नंदपुरम तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जिन घरों में अभी पानी नहीं पहुंचा है, वहां लोग पानी रोकने के लिए घरों के बाहर अस्थायी दीवारें बना रहे हैं। गोमती रिवर फ्रंट के किनारे स्थित हनुमंत धाम, लेटे हनुमान और बख्शी का तालाब में चंद्रिका देवी मंदिर तक पानी पहुंच चुका है। प्रशासन ने गोमती रिवरफ्रंट और मरीन ड्राइव के पास स्थित फूड वैली को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ा

सांप और दूसरे जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है। गंदगी के चलते कई बीमारियां फैल रही हैं। दावा है कि राहत और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए टीमें तैनात हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट दवाएं, क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस बांट रही हैं। लेकिन मरीजों को चारपाई पर लादकर ले जाना पड़ रहा है।

नगर आयुक्त ने रविवार को किया था निरीक्षण

फैजुल्लागंज के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रविवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने दाऊद नगर, लोहरामऊ, हयात नगर, गौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, सुखलाल खेड़ा और सैथा पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की मदद के लिए टीमें लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा। साथ ही स्वच्छ पेयजल, राहत सामग्री और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

लंबे समय से जलभराव की स्थिति बनी

फैजुल्लागंज समेत लखनऊ के कई इलाकों में लंबे समय से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। अब तक करीब तीन लाख लोगों के प्रभावित होने और करीब दस हजार लोगों के घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की बात सामने आई है।

फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि लगातार बढ़ रहे पानी के बीच कमजोर हो चुके मकानों और दीवारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी और प्रभावित लोगों को कब तक राहत मिल पाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *