KGMU News: लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के समर्थकों के हंगामा करने के मामले में FIR दर्ज न होने से डॉक्टर्स और स्टाफ में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि 24 घंटे में एफआईआर नहीं दर्ज होगी, तो मंगलवार (13 जनवरी) को OPD बंद रहेगी। यह फैसला सोमवार (12 जनवरी) को डॉक्टर, कर्मचारी, पैरा मेडिकल संगठन की संयुक्त बैठक में लिया गया। अगर ऐसा होता है तो स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होंगी। इस बीच एहतियात के तौर पर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
वहीं, केजीएमयू में कट्टरपंथी गतिविधि को लेकर कुलपति द्वारा बनाई गई जांच कमेटी आज फिर बैठक कर सकती है। सात सदस्यीय इस फैक्ट फाइंडिंग टीम की फाइनल रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। इस टीम में पूर्व पुलिस महानिदेशक भावेश कुमार भी हैं। जांच टीम धर्मांतरण मामले में पैथोलॉजी विभाग के फैकल्टी और अन्य सदस्यों की मामले में संलिप्तता की पड़ताल कर रही है।
चीफ प्रॉक्टर ने दी थी तहरीर
केजीएमयू में शुक्रवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पहुंचने के बाद उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया था। KGMU प्रशासन का आरोप था कि इस दौरान कार्यालय मे तोड़फोड़ भी हुई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा ने इस मामले में FIR दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को ही तहरीर दी थी। तीन दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। ऐसे में KGMU के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों में आक्रोश है। ये सभी अब आरपार की लड़ाई के मूड में हैं।
पुलिस अलर्ट, LIU भी एक्टिव
KGMU में सोमवार को चिकित्सा सेवा के बहिष्कार और आंदोलन की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। LIU भी लोगों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। पुलिस ने किसी भी तरह के हंगामे से निपटने के लिए इंतजाम किए हैं।
KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि अभी सभी वेट एंड वॉच की स्थिति में है। हमें भरोसा है कि पुलिस बहुत जल्द FIR दर्ज करेगी। सोमवार को इसको लेकर पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।
पीड़ित महिला डॉक्टर ने की थी सुसाइड की कोशिश
पीड़ित महिला डॉक्टर KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रही है। 17 दिसंबर को उसने दवा की ओवरडोज लेकर सुसाइड की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 19 दिसंबर को उसे डिस्चार्ज किया गया।
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रहे डॉ. रमीज ने बेटी को लव जिहाद में फंसाया। उस पर शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। जबकि, वह पहले से शादीशुदा है। फरवरी में वह हिंदू लड़की का धर्मांतरण कराकर उससे शादी कर चुका है।
मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग में शिकायत की
पीड़ित के पिता ने मामले की राज्य महिला आयोग और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद 22 दिसंबर को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़ित के साथ प्रेस वार्ता करके कार्रवाई का आश्वासन दिया।
24 दिसंबर को विशाखा कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद KGMU प्रशासन ने डॉ. रमीज को सस्पेंड करके परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दिया। आरोपी के खिलाफ के FIR भी दर्ज हो गई। 26 दिसंबर को कुलपति ने KGMU में कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई। आरोपी डॉ. के मां-बाप की संलिप्तता पाई गई है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

