UP News: उत्तर प्रदेश में कोहरे और शीतलहर का कहर लगातार जारी है। बीते 48 घंटे में राज्य में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर सहित 30 शहर घने कोहरे की चपेट में हैं। कई शहरों में विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच गई है। ओस की बूंदें बारिश की फुहारों जैसी पड़ रही हैं।
गाजीपुर के ग्रामीण इलाकों में बर्फ जम गई। अधिकांश सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। सर्द हवाओं से पहाड़ों जैसी ठंड महसूस हो रही है। नौ शहरों में 8वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इनमें रायबरेली, सुल्तानपुर, वाराणसी, जौनपुर, उन्नाव, सोनभद्र, मिर्जापुर, संभल और अंबेडकरनगर शामिल हैं।
100 से ज्यादा ट्रेनें चल रहीं लेट
कोहरे का असर ट्रेनों पर भी देखने को मिल रहा है। कानपुर समेत कई रेलवे स्टेशनों पर 100 से ज्यादा ट्रेनें 2 से 10 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। इसके अलावा फ्लाइटें भी लेट हैं। सोमवार की बात करें तो बाराबंकी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां का तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा 26 शहर नैनीताल (6°C) और शिमला (11°C) से भी ज्यादा ठंडे रहे।
मौसम विभाग के अनुसार, क्रिसमस और नए साल पर भी मौसम बिगड़ा रहेगा। भीषण कोहरा पड़ेगा। सर्द हवाएं चलेंगी और बादल भी छाए रहेंगे। क्रिसमस पर पारा 6 डिग्री से 11 डिग्री के बीच रहेगा। वहीं, नए साल पर 5 से 11 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों पर बर्फबारी हुई है। वहां से आने वाली सर्द हवाओं से पारा 2-3 डिग्री तक गिर सकता है।
राहत आयुक्त बोले- अफसर अलर्ट रहें
सरकार भी अलर्ट मोड पर है। राहत आयुक्त ने 25 जिलों के अध्किारयों के साथ बैठक की। उन्हें अलर्ट रहने को कहा है। साथ ही वीडियो जारी कर लोगों से अपील की है कि कोहरे में अगर एक्सीडेंट हों तो तत्काल 108 और 112 नंबर पर जानकारी दें। एक्सप्रेसवे और हाईवे पर वाहनों की स्पीड 60 से 80 किमी प्रति घंटा कर दी गई है।
बांदा में 2 और कानपुर में 1 की ठंड से मौत
कानपुर में रविवार देर रात टैंकर पर चढ़ते समय ड्राइवर गिर गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के चलते उसकी जान गई। शनिवार को बांदा में दो लोगों की ठंड से मौत हुई थी।
फसलों के बचाव के उपाय
फसलों के बचाव के लिए कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने उपाय बताए हैं।
- मौसम पर नजर रखें, बदलते तापमान और कोहरे से फसलों में कीट और रोग बढ़ सकते हैं।
- गेहूं की बुवाई के 20-30 दिन बाद पहली सिंचाई के बाद जिंक की कमी दिखे तो 5 किलो जिंक सल्फेट +16 किलो यूरिया को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें।
- छोटी और चौड़ी पत्ती के खरपतवार के लिए सल्फोसल्फ्यूरान, मेटासल्फ्यूरॉन का छिड़काव करें या मेट्रीब्यूजिन का उपयोग पहली सिंचाई के बाद करें।
- सरसों के खेत में नमी कम हो तो हल्की सिंचाई जरूर करें।
- चने के पौधों में कटुआ कीड़े लगें तो क्लोरपाइरीफास का छिड़काव करें।
- टमाटर-मिर्च के पौधों में रोग ज्यादा हों तो डाईमेथोएट या इमिडाक्लोप्रिड को पानी में घोल कर छिड़काव करें।

