Dharmendra Death: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का निधन हो गया है। न्यूज एजेंसी IANS की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 89 साल के धर्मेंद्र ने सोमवार दोपहर करीब 1 बजे अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार विले पार्ले श्मशान भूमि में हो रहा है, जिसमें अमिताभ बच्चन, आमिर खान समेत कई सेलेब्स पहुंच रहे हैं। वहीं, करण जौहर ने धर्मेंद्र के निधन की पुष्टि करते हुए आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

श्मशान घाट पहुंचे आमिर खान
Mumbai: Actor Aamir Khan reached Pawan Hans Crematorium pic.twitter.com/nBpsQQx2iN
— IANS (@ians_india) November 24, 2025
अमिताभ बच्चन-अभिषेक बच्चन श्मशान घाट पहुंचे

सलीम खान भी अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे
डायलॉग राइटर और सलमान खान के पिता सलीम खान भी विले पार्ले श्मशान भूमि पहुंच चुके हैं।
Mumbai: Bollywood film producer Salim Khan arrives at Pawan Hans crematorium pic.twitter.com/u3CPNvZ0ci
— IANS (@ians_india) November 24, 2025
बता दें कि धर्मेंद्र ने 60 के दशक में अपने अभिनय का सफर शुरू किया था। वह बॉलीवुड में सबसे ज्यादा हिट फिल्में देने वाले कलाकार थे। पंजाब के एक गांव से निकलकर वह मायानगरी आए और अपने अभिनय से सबके दिलों में छा गए। छह दशक तक फिल्मों में अभिनय करने वाले धर्मेंद्र ने अपने करियर में लगभग 300 से ज्यादा फिल्में कीं। इस दौरान उन्होंने हर तरह के किरदारों को बड़े पर्दे पर उतारा। फिल्मों की वजह से धर्मेंद्र की जितनी चर्चा रही, उतनी ही चर्चा उनके निजी जीवन को लेकर भी रही। धर्मेंद्र की भावी पीढ़ी ने भी उनकी अभिनय की विरासत को संजोकर रखा है और लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।
धर्मेंद्र का शुरुआती जीवन
पंजाब के लुधियाना जिले के एक गांव नासराली में धर्मेंद्र का जन्म आठ दिसंबर 1935 को हुआ था। धर्मेंद्र का पूरा नाम धर्मेंद्र केवल कृष्ण देओल था। पिता का नाम केवल कृष्ण और मां का सतवंत कौर था। धर्मेंद्र का शुरुआती जीवन सानेहवाल गांव में ही गुजरा, सरकारी स्कूल से पढ़ाई-लिखाई हुई थी। इसी स्कूल के हेडमास्टर उनके पिता थे। धर्मेंद्र ने पंजाब यूनिवर्सिटी से धर्मेंद्र से अपनी हायर एजुकेशन पूरी की थी। फिल्मफेयर मैगजीन ने एक न्यू टैलेंट कॉम्पिटिशन करवाया जिसके विजेता धर्मेंद्र बने थे। इसके बाद अभिनय करने की चाहत लिए वह मुंबई चले आए थे।
खूबसूरती और अभिनय ने छोड़ी दर्शकों पर गहरी छाप
1960 में फिल्म ‘दिल भी मेरा हम भी तेरे’ से बॉलीवुड में धर्मेंद्र ने डेब्यू किया था। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर सफलता नहीं मिली। इसके बाद वह फिल्म ‘शोला और शबनम’ में नजर आए थे, इस फिल्म को मनचाही सफलता मिली। आगे चलकर धर्मेंद्र ने ‘अनपढ़’, ‘बंदिनी’, ‘आई मिलन की बेला’, ‘हकीकत’, ‘फूल और पत्थर’, ‘ममता’, ‘अनुपमा’, ‘इज्जत’, ‘आंखें’, ‘शिखर’, ‘मंझली दीदी’, ‘चंदन का पालना’, ‘मेरे हमदम मेरे दोस्त’, ‘दो रास्ते’, ‘सत्यकाम’, ‘आदमी और इंसान’ जैसे हिट और उम्दा फिल्में दीं।
70 के दशक में मिला स्टारडम, हेमा मालिनी संग बनी हिट जोड़ी
धर्मेंद्र ने करियर के शुरुआती दस वर्षों में खुद को उम्दा अभिनेता के तौर पर बॉलीवुड में स्थापित कर दिया था। 70 के दशक में आकर उन्हें स्टारडम मिला। इस दशक में वह सबसे ज्यादा हेमा मालिनी के साथ फिल्मों में नजर आए थे। उनकी जोड़ी को बड़े पर्दे पर दर्शकों को ने खूब पसंद किया था। इस दशक में ही उन्होंने कई हिट फिल्में दीं। हेमा मालिनी के साथ धर्मेंद्र ‘सीता और गीता’, ‘तुम हसीन मैं जवान’, ‘शराफत’, ‘नया जमाना’, ‘राजा जानी’, ‘जुगनु’, ‘दोस्त’, ‘पत्थर के फूल’, ‘शोले’, ‘चरस’, ‘मां’, ‘चाचा भतीजा’ और ‘आजाद’ जैसी फिल्मों में बतौर हीरो दिखे थे। इसी दशक में उन्होंने ‘मेरा नाम जोकर’ और ‘मेरा गांव मेरा देश’ जैसी फिल्मों में भी उम्दा किरदार निभाए थे। वह बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार में शामिल हो गए थे।
80-90 के दशक में कैरेक्टर्स रोल में दिखे
अपने करियर में धर्मेंद्र ने एक्शन फिल्में खूब की थीं, वह हिंदी सिनेमा के ही-मैन कहलाते थे। लेकिन जब बात कॉमेडी की आई तो उन्होंने दर्शकों को खूब हंसाया। ‘चुपके चुपके (1975)’ प्रतिज्ञा (1975) से लेकर ‘यमला पगला दीवाना (2011)’ तक कई कॉमेडी फिल्में भी की थीं। 80 और 90 के दशक में आकर धर्मेंद्र कैरेक्टर्स रोल में नजर आने लगे थे। इस दशक में भी वह बड़े पर्दे पर खूब सक्रिय रहे, उनकी फिल्मों की लिस्ट काफी लंबी है। इसमें ‘प्यार किया तो डरना क्या?’ ‘लाइफ इन ए मेट्रो’, ‘जानी गद्दार’ और ‘अपने’ जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं।
88 साल की उम्र में साल 2023 में वह फिल्म ‘रॉकी रानी की प्रेम कहानी’ में नजर आए थे, शबाना आजमी के साथ इस फिल्म में किसिंग सीन देकर उन्होंने हंगामा ही मचा दिया था। इसके बाद 89 साल में 2024 में आई शाहिद कपूर की फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ में भी वो दिखाई दिए थे।
शोले में निभाया ‘वीरू’ का आइकॉनिक किरदार
धर्मेंद्र ने अपने करियर में लगभग 300 फिल्में की थीं लेकिन फिल्म ‘शोले’ उनके करियर की सबसे यादगार फिल्म थी। इस फिल्म में उनका निभाया वीरू का किरदार अमर हो चुका है। धर्मेंद्र का नाम लेने पर सबसे पहले यही किरदार दर्शकों को याद आता है। हाल ही में इस फिल्म ने अपनी गोल्डन जुबली पूरी की है।
धर्मेंद्र को मिले अवॉर्ड–एचीवमेंट्स
-
-साल 2012 में उन्हें भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
-
-धर्मेंद्र की प्रोड्यूस फिल्म ‘घायल’ को साल 1990 में बेस्ट पॉपुलर फिल्म का नेशनल अवाॅर्ड मिला था। इस फिल्म में उनके बेटे सनी देओल ने लीड रोल किया था।
-
धर्मेंद्र को साल 1997 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट्स अवॉर्ड मिला था। वहीं 1991 में उनकी प्रोड्यूस फिल्म ‘घायल’ को बेस्ट फिल्म का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था।

