UP News: सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई बीआर गवई पर जूता फेंकने का मामला अब राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) इस मामले पर बीजेपी सरकार को घेर रही है। आप इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी सरकार की संदिग्ध चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पार्टी ने इस घटना को सिर्फ मुख्य न्यायाधीश पर हमला नहीं, बल्कि भारत के संविधान, बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों और भारत की आत्मा पर हमला बताया है।
आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी सांसद संजय सिंह ने कहा कि इस देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर एक दलित के बेटे का बैठना बीजेपी और उसके नफरती तंत्र को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। यही कारण है कि इस जघन्य कृत्य और उसके बाद सोशल मीडिया पर सीजेआई के खिलाफ फैलाए जा रहे घृणित अपमान को लेकर सरकार खामोश है।
जूता फेंकने वाले वकील की गिरफ्तारी की मांग
संजय सिंह ने कहा, देश इस बात से स्तब्ध है कि मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाला व्यक्ति खुलेआम टीवी पर आकर गर्व से कह रहा है कि उसे अपने कृत्य पर कोई अफसोस नहीं है, और फिर भी उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आप की मांग है कि मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने का प्रयास करने वाले शख्स को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
सांसद संजय सिंह ने कहा, बीजेपी की नफरत और भेदभाव की राजनीति का पर्दाफाश करने और दलित-पिछड़े समाज के सम्मान की रक्षा के लिए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। 10 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन होगा और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।

